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मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का 21वां दिन: ईरान ने अमेरिका के सबसे आधुनिक F-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया; पेंटागन ने की पुष्टि

तेहरान/वॉशिंगटन (20 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक बेहद विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 21 दिनों से जारी भीषण गोलाबारी और हवाई हमलों के बीच ईरान ने एक ऐसी सैन्य कामयाबी का दावा किया है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सबसे शक्तिशाली और अत्याधुनिक F-35 लाइटनिंग II (F-35 Lightning II) लड़ाकू विमान को निशाना बनाकर उसे मार गिराने का दावा किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अमेरिकी रक्षा मुख्यालय ‘पेंटागन’ ने भी इस बेहद गोपनीय और महंगे विमान के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।

संघर्ष का 21वां दिन: दहक उठा है मोर्चा

इजराइल और अमेरिका के भीषण हमलों के जवाब में ईरान अब सीधे तौर पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को चुनौती दे रहा है:

  • भीषण पलटवार: ईरान ने पिछले 24 घंटों में इजराइल और खाड़ी देशों में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ‘कामिकेज़’ ड्रोनों से जोरदार हमले किए हैं।
  • तनाव चरम पर: मोर्चे पर मिसाइलों की गरज और धमाकों के बीच पूरा पश्चिम एशिया युद्ध की आग में जल रहा है। यह संघर्ष अब किसी भी समय एक पूर्ण विकसित वैश्विक युद्ध (World War) का रूप ले सकता है।

F-35 का गिरना: अमेरिका के लिए बड़ा झटका

F-35 दुनिया का सबसे उन्नत ‘स्टील्थ’ लड़ाकू विमान माना जाता है, जिसे रडार की पकड़ में आना नामुमकिन समझा जाता था:

  1. ईरानी वायु रक्षा प्रणाली की ताकत: ईरान का दावा है कि उसने अपनी स्वदेशी उन्नत वायु रक्षा प्रणाली के जरिए इस विमान को ट्रैक किया और मार गिराया। यह अमेरिका के लिए न केवल सैन्य बल्कि तकनीकी रूप से भी एक बहुत बड़ा अपमान माना जा रहा है।
  2. पेंटागन की पुष्टि: वॉशिंगटन से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि उनका एक विमान ‘सक्रिय मिशन’ के दौरान लापता हुआ और बाद में उसके क्रैश होने की पुष्टि हुई। हालांकि, विमान के पायलट की स्थिति के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले

ईरान केवल हवा में ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी अमेरिकी मौजूदगी को निशाना बना रहा है:

  • सैन्य ठिकानों को खतरा: इराक, सीरिया और कतर के पास स्थित अमेरिकी ठिकानों पर लगातार रॉकेट दागे जा रहे हैं। ईरान समर्थक गुटों ने चेतावनी दी है कि जब तक इजराइल अपने हमले नहीं रोकता, अमेरिकी सेना पर हमले जारी रहेंगे।
  • लॉजिस्टिक हब पर असर: इन हमलों के कारण खाड़ी में अमेरिकी सेना की रसद और ईंधन आपूर्ति की श्रृंखला (Supply Chain) बुरी तरह प्रभावित हुई है।

विश्व शक्तियों की चिंता: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया खतरा

21 दिनों से जारी इस संघर्ष ने वैश्विक बाजार को हिलाकर रख दिया है:

  • तेल की कीमतें: F-35 के गिरने और ईरान की आक्रामकता के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक का उछाल आने की संभावना है।
  • कूटनीतिक विफलता: संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंच इस संघर्ष को रोकने में अब तक पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।

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