यरुशलम/तेहरान: मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध और तनावपूर्ण स्थिति सोमवार को एक नए और भयावह मोड़ पर पहुँच गई, जब ईरान ने इजरायल पर एक बड़ा और सीधा हमला किया। इस भीषण हमले ने क्षेत्र में एक पूर्ण-स्तरीय युद्ध का खतरा पैदा कर दिया है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने आधिकारिक तौर पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले की पुष्टि की है। हमले की भीषणता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इजरायल की राजधानी यरुशलम के ऊपर कम से कम 10 अलग-अलग जगहों पर तेज़ धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं, जिससे पूरा शहर दहल उठा।
यरुशलम में सायरन की आवाज़ और धमाकों का सिलसिला
ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों ने यरुशलम के आसमान को दहला दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाकों की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि खिड़कियाँ और दरवाज़े हिलने लगे। हमले के तुरंत बाद पूरे यरुशलम में हवाई हमले के सायरन गूंजने लगे, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत फैल गई। लोग सुरक्षित स्थानों और बंकरों की ओर भागने लगे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में यरुशलम के ऊपर ईरानी मिसाइलों और इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे ‘आयरन डोम’) के बीच जारी संघर्ष को देखा जा सकता है, जिससे रात का आसमान रोशन हो गया।
इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम ‘एक्टिव’, यरुशलम में सायरन
इजरायली रक्षा बलों ने एक बयान में कहा कि उनका उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों का सक्रिय रूप से मुकाबला कर रहा है। आईडीएफ ने बताया कि यरुशलम और उसके आसपास के क्षेत्रों में सायरन बज रहे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। इजरायली सेना ने कहा कि वे किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया है, लेकिन कुछ मिसाइलें अपने ठिकानों पर गिरने में सफल रहीं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और युद्ध का खतरा
ईरान और इजरायल के बीच जारी यह सीधा संघर्ष मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और एक बड़े युद्ध के खतरे को दर्शाता है। दोनों देशों के बीच पिछले कई दिनों से एक-दूसरे पर हमले और धमकियाँ देने का सिलसिला चल रहा था। इस ताज़ा हमले के बाद, क्षेत्र में अस्थिरता और हिंसा और अधिक बढ़ने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और दोनों पक्षों से संयम बरतने व बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की है। हालांकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए, युद्धविराम की संभावना बहुत कम नज़र आ रही है।




