नई दिल्ली (21 मार्च, 2026): देशभर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मार्च के महीने में, जब आमतौर पर तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होती है और गर्मी का अहसास होने लगता है, इस बार तापमान में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। कई जगहों पर तो शनिवार सुबह कोहरा भी देखने को मिला, जिससे ऐसा लग रहा है मानो फिर से सर्दी लौट आई है। मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य और पूर्वी भारत में 21 मार्च तक रुक-रुककर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
उत्तर भारत में कोहरा और ठंड: दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम
दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी कम होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को वाहन चलाने में सावधानी बरतनी पड़ी। तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं।
- दिल्ली में ठंड: दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे चला गया है। सुबह की सैर पर निकले लोगों को ठंड का अहसास हुआ और उन्होंने गर्म कपड़े पहने हुए थे।
- उत्तर प्रदेश और हरियाणा: उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी मौसम का यही हाल है। कोहरे और ठंड के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मध्य और पूर्वी भारत में बारिश का अलर्ट: सात राज्यों में चेतावनी
मौसम विभाग ने मध्य और पूर्वी भारत के सात राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। 21 मार्च तक इन राज्यों में रुक-रुककर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: 20 मार्च को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
- बिहार और झारखंड: बिहार और झारखंड में भी 20 मार्च को बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
- पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा: 20 और 21 मार्च को पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। इन राज्यों में बारिश और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: मौसम में बदलाव का कारण
मौसम विभाग के मुताबिक, मौसम में आए इस बदलाव का कारण पश्चिमी विक्षोभ है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत में कोहरा और ठंड बढ़ गई है, जबकि मध्य और पूर्वी भारत में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
- पश्चिमी विक्षोभ: पश्चिमी विक्षोभ एक मौसमी प्रणाली है जो मध्य पूर्व से उत्पन्न होती है और भारत के उत्तर-पश्चिम हिस्से की ओर बढ़ती है। इसके कारण बारिश, बर्फबारी और ठंड बढ़ जाती है।
किसानों की चिंता: बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
मौसम में आए इस बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मार्च के महीने में फसलें पकने के लिए तैयार होती हैं और ऐसे समय में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है।
- फसलों को नुकसान: बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और अन्य फसलों को नुकसान होने की आशंका है। किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए उपाय करने की सलाह दी गई है।





