Friday, February 6, 2026

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महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल: सरकार की इस ‘गेम चेंजर’ योजना से 5 लाख महिलाएं बनेंगी लखपति; ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान

देहरादून/नई दिल्ली: महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने अपनी बहुप्रतीक्षित योजना के तहत एक नया और साहसी लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार की इस ‘गेम चेंजर’ पहल के माध्यम से अब प्रदेश की 5 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी सुधार लाना है, ताकि उनकी वार्षिक आय कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों ने इस लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया है।

क्या है योजना और कैसे बदलेगी तस्वीर?

यह योजना केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक संपूर्ण इकोसिस्टम प्रदान करती है:

  • स्वयं सहायता समूहों (SHG) का विस्तार: ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक संसाधनों और तकनीकी ज्ञान से जोड़ा जा रहा है।
  • कौशल विकास और प्रशिक्षण: महिलाओं को उनके स्थानीय संसाधनों के आधार पर कृषि, हस्तशिल्प, ड्रोन संचालन, आईटी सेवाओं और लघु उद्योगों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • बाजार से सीधा जुड़ाव: महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को ‘ब्रांड’ के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार उन्हें बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मेलों तक पहुंच प्रदान कर रही है।

5 लाख का लक्ष्य: मील का पत्थर साबित होगी योजना

सरकार ने इस योजना को ‘गेम चेंजर’ इसलिए करार दिया है क्योंकि यह सीधे तौर पर ग्रामीण जीडीपी (GDP) में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएगी:

  1. आर्थिक स्वावलंबन: जब 5 लाख महिलाएं सालाना एक लाख रुपये से अधिक कमाएंगी, तो इससे न केवल उनके परिवार का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च भी बढ़ेगा।
  2. शून्य ब्याज पर ऋण: योजना के तहत महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने या विस्तार करने के लिए बिना ब्याज या बहुत कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
  3. तकनीकी समावेश: सरकार ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसे कार्यक्रमों को भी इसी अभियान से जोड़ रही है, जिससे महिलाएं खेती-किसानी के आधुनिक तरीकों में नेतृत्व कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री का संबोधन: ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’

योजना के नए चरण का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्रगति का मार्ग नारी शक्ति के सशक्तिकरण से होकर गुजरता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ अंतिम छोर पर बैठी महिला तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे।

“हमारा लक्ष्य केवल महिलाओं को रोजगार देना नहीं, बल्कि उन्हें ‘लखपति उद्यमी’ बनाना है। यह 5 लाख लखपति दीदियां हमारे प्रदेश की नई अर्थव्यवस्था की पहचान बनेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होंगी।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

निष्कर्ष: सामाजिक बदलाव की ओर कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन की समस्या में कमी आएगी और महिलाएं समाज में निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभाएंगी। सरकार की इस पहल को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए जिला प्रशासन और ग्राम पंचायतों को भी सक्रिय भूमिका में रखा गया है।

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