मुंबई: महाराष्ट्र ने शिक्षा और देशभक्ति के संगम से एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राज्य के करीब 1 लाख स्कूलों के 2 करोड़ से अधिक छात्रों ने एक ही समय पर, एक ही सुर में देशभक्ति गीत गाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि को आधिकारिक तौर पर मान्यता देते हुए ‘लंदन वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित इस मेगा इवेंट का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करना और सामूहिक एकता का प्रदर्शन करना था।
कैसे बना यह ‘महा-रिकॉर्ड’?
इस कार्यक्रम की योजना महीनों पहले से तैयार की गई थी। शिक्षा विभाग के समन्वय से राज्य के हर कोने—चाहे वह मुंबई के बड़े निजी स्कूल हों या गढ़चिरौली के सुदूर आदिवासी क्षेत्रों के सरकारी स्कूल—सभी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जोड़ा गया।
- समय का तालमेल: निर्धारित समय पर जैसे ही राष्ट्रभक्ति के गीतों की धुन बजी, पूरे महाराष्ट्र के क्लासरूम्स और खेल के मैदान “भारत माता की जय” और देशभक्ति गीतों से गूंज उठे।
- सामूहिक भागीदारी: प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के छात्रों ने इस अभियान में हिस्सा लिया। इसमें न केवल छात्र, बल्कि लाखों शिक्षक और अभिभावक भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिक्षा मंत्री ने राज्य के विद्यार्थियों और शिक्षकों की सराहना की।
- मुख्यमंत्री का संदेश: उन्होंने कहा कि यह केवल एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि हमारे देश की नई पीढ़ी के दिल में राष्ट्र के प्रति कितनी गहरी निष्ठा है।
- वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का प्रमाण पत्र: लंदन से आए प्रतिनिधियों ने इस विशाल आयोजन की निगरानी की और कार्यक्रम के सफल समापन के बाद राज्य सरकार को विश्व रिकॉर्ड का आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपा।
राष्ट्रगान और राज्य गीत की गूँज
समारोह के दौरान छात्रों ने ‘जन-गण-मन’ के साथ-साथ महाराष्ट्र के राज्य गीत ‘जय जय महाराष्ट्र माझा’ और अन्य प्रमुख देशभक्ति गीतों का गायन किया।
- अनुशासन का परिचय: इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के शामिल होने के बावजूद, पूरे राज्य में यह कार्यक्रम अत्यंत अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ।
- डिजिटल इंडिया की शक्ति: इस आयोजन की सफलता में तकनीक की बड़ी भूमिका रही, क्योंकि सुदूर गांवों के स्कूलों को भी रीयल-टाइम में मुख्य प्रसारण से जोड़ा गया था।
सामाजिक एकता का संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से छात्रों के भीतर टीम वर्क और सामाजिक समरसता की भावना बढ़ती है। ‘लंदन वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ के प्रतिनिधियों ने टिप्पणी की कि इतनी विशाल आबादी वाले क्षेत्र में इतने सटीक तालमेल के साथ सामूहिक गायन करना अपने आप में एक चमत्कारिक प्रबंधन का उदाहरण है।
महाराष्ट्र शिक्षा विभाग इस उपलब्धि के बाद अब छात्रों के लिए इस तरह के और भी रचनात्मक और राष्ट्र-निर्माण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है। इस रिकॉर्ड ने न केवल महाराष्ट्र का मान बढ़ाया है, बल्कि वैश्विक पटल पर भारतीय शिक्षा व्यवस्था की संगठनात्मक शक्ति का लोहा भी मनवाया है।





