मुंबई।
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे पाटिल को मुंबई पुलिस ने नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में उन्हें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे और उनके समर्थक आजाद मैदान को खाली करें।
हालांकि इस बीच अदालत ने हस्तक्षेप करते हुए जरांगे और उनके समर्थकों को शाम तक का समय दिया है। अदालत का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण होना चाहिए और सार्वजनिक व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए।
जरांगे पाटिल ने पहले ही साफ किया है कि मराठा समाज की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि आरक्षण केवल वादों से नहीं बल्कि ठोस सरकारी फैसले से मिलना चाहिए।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि आजाद मैदान में चल रहे धरने के कारण ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है। ऐसे में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मैदान खाली कराना आवश्यक है।
उधर, अदालत ने कहा कि आंदोलन का अधिकार सभी को है लेकिन इसे कानूनी दायरे और प्रशासनिक नियमों के तहत ही किया जाना चाहिए। अदालत ने शाम तक की मोहलत देते हुए पुलिस और आंदोलनकारियों दोनों को संयम बरतने की सलाह दी है।
गौरतलब है कि मराठा आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा सवाल बना हुआ है। जरांगे के नेतृत्व में यह आंदोलन एक बार फिर सरकार पर दबाव बढ़ाने में सफल होता दिख रहा है।





