Saturday, January 31, 2026

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ममता के गढ़ में शाह की ‘चुनावी हुंकार’: बैरकपुर और सिलीगुड़ी में कार्यकर्ता सम्मेलनों से भरेंगे जोश; मिशन बंगाल के लिए फूंका बिगुल

कोलकाता/बैरकपुर: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार देर रात कोलकाता पहुंचे, जहाँ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। एक महीने के भीतर शाह का यह दूसरा बंगाल दौरा है, जिसे ‘मिशन सोनार बांग्ला’ के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज (शनिवार) अमित शाह दक्षिण बंगाल के बैरकपुर और उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित विशाल कार्यकर्ता सम्मेलनों को संबोधित करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए शाह जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने और ममता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का काम करेंगे।

आज का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम: दक्षिण से उत्तर तक हलचल

गृह मंत्री का आज का दिन पूरी तरह से संगठनात्मक बैठकों और जनसंपर्क के नाम रहेगा:

  • बैरकपुर (सुबह 11:00 बजे): आनंदपुरी मैदान में उत्तर 24 परगना जिले के चार प्रमुख संगठनात्मक जिलों (बनगांव, बारासात, बशीरहाट और बैरकपुर) के कार्यकर्ताओं का महासम्मेलन होगा। औद्योगिक बेल्ट होने के कारण यहाँ हिंदी भाषी वोटरों को साधना भाजपा की बड़ी रणनीति है।
  • सिलीगुड़ी (दोपहर 3:00 बजे): बैरकपुर के बाद शाह उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी पहुंचेंगे। यहाँ बागडोगरा के पास गोसाईंपुर में दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। उत्तर बंगाल लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है, जिसे शाह और अधिक सुदृढ़ करना चाहते हैं।

रणनीतिक बैठक: आधी रात को तैयार हुआ ‘ब्लूप्रिंट’

कोलकाता पहुंचते ही अमित शाह ने न्यू टाउन स्थित एक निजी होटल में प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ हाई-प्रोफाइल बैठक की।

  1. प्रमुख नेताओं की मौजूदगी: बैठक में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और केंद्रीय प्रभारी सुनील बंसल समेत कई दिग्गज मौजूद रहे।
  2. इनफिल्ट्रेशन पर डाक्यूमेंट्री: शाह के दौरे के साथ ही भाजपा ने बंगाल में ‘जनसांख्यिकीय बदलाव’ और ‘घुसपैठ’ के मुद्दे पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी रिलीज की है, जो इस चुनाव का मुख्य मुद्दा बन सकती है।
  3. कमजोर कड़ियों की पहचान: सूत्रों के अनुसार, शाह ने उन विधानसभा क्षेत्रों की रिपोर्ट मांगी है जहाँ पार्टी पिछले चुनावों में दूसरे स्थान पर रही थी।

क्यों अहम है यह दौरा?

चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले भाजपा के बड़े नेताओं के दौरों ने राज्य का सियासी पारा बढ़ा दिया है:

  • एक महीने में दूसरा दौरा: इससे पहले 30-31 दिसंबर को भी शाह बंगाल आए थे। लगातार दौरों से भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि वह इस बार सत्ता परिवर्तन के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
  • प्रधानमंत्री की रैलियों का असर: हाल ही में पीएम मोदी ने मालदा और हुगली में रैलियां की थीं, अब शाह उन सभाओं के बाद बने माहौल को संगठनात्मक मजबूती में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
  • बजट का रणनीतिक उपयोग: 2 फरवरी से माध्यमिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, इसलिए भाजपा ने शांतिपूर्ण और सुनियोजित तरीके से जनवरी के अंत में ही इन बड़े कार्यक्रमों को संपन्न करने का फैसला किया है।

“बंगाल की जनता परिवर्तन के लिए तैयार है। हमारे कार्यकर्ताओं का उत्साह बता रहा है कि ममता बनर्जी के शासन के अंतिम दिन अब करीब हैं। हम बैरकपुर से लेकर सिलीगुड़ी तक संगठन को अजेय बनाएंगे।” — अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री (कोलकाता आगमन पर)

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

शाह के दौरे को देखते हुए कोलकाता, बैरकपुर और सिलीगुड़ी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आयोजन स्थलों पर भारी पुलिस बल के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी तैनात हैं। सिलीगुड़ी में कार्यक्रम समाप्त करने के बाद शाह शाम को बागडोगरा एयरपोर्ट से सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

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