मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक पुराने मामले में जांच एजेंसी उन्हें जल्द ही नया समन जारी करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, पिछले दौर की पूछताछ में मिले दस्तावेजों और बयानों में कुछ नई कड़ियां सामने आई हैं, जिनके स्पष्टीकरण के लिए टीना अंबानी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा जाएगा। इससे पहले भी अंबानी परिवार के सदस्यों से इस मामले में लंबी पूछताछ हो चुकी है।
क्या है पूरा मामला और क्यों हो रही है जांच?
यह मामला मुख्य रूप से विदेशों में अघोषित संपत्ति रखने और विदेशी मुद्रा के लेनदेन में हुई अनियमितताओं से जुड़ा है:
- विदेशी बैंक खाते: ED उन बैंक खातों और विदेशी निवेशों की जांच कर रही है, जिनका उल्लेख कथित तौर पर कर अधिकारियों के सामने नहीं किया गया था।
- पेंडोरा पेपर्स का कनेक्शन: जांच का एक सिरा ‘पेंडोरा पेपर्स’ लीक से भी जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें कई भारतीय उद्योगपतियों द्वारा टैक्स हेवन देशों में कंपनियां बनाने की बात सामने आई थी।
- अनिल अंबानी से पूछताछ: इससे पहले टीना अंबानी के पति अनिल अंबानी से भी ED के मुंबई स्थित कार्यालय में करीब 9 घंटे तक पूछताछ की जा चुकी है।
नया समन और ED की रणनीति
जांच एजेंसी इस बार अधिक कड़े सवालों के साथ टीना अंबानी को बुलाने की योजना बना रही है:
- वित्तीय दस्तावेजों का मिलान: पिछले बयानों में जो विसंगतियां पाई गई थीं, उन्हें दूर करने के लिए टीना अंबानी से उनके व्यक्तिगत निवेशों के बारे में सवाल पूछे जाएंगे।
- ऑफशोर कंपनियां: जांच का मुख्य केंद्र बिंदु मॉरीशस और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स जैसी जगहों पर कथित तौर पर स्थापित कंपनियों के साथ उनका संबंध है।
- अगला कदम: यदि टीना अंबानी नए समन पर पेश नहीं होती हैं, तो एजेंसी कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकती है।
अंबानी परिवार का रुख
अंबानी परिवार और रिलायंस समूह की ओर से फिलहाल इस नए समन को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, पूर्व में उन्होंने जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही थी। उनके वकीलों का तर्क रहा है कि सभी लेनदेन नियमों के तहत किए गए हैं और वे अधिकारियों को आवश्यक स्पष्टीकरण प्रदान कर रहे हैं।





