इंफाल। मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में अलग-अलग घटनाओं में हथियारबंद उग्रवादियों की गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। घटनाओं के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, पहली घटना रविवार तड़के करीब चार बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-37 के पास तामेंगलोंग जिले के टालेन कुकी गांव में हुई। हथियारबंद हमलावरों ने एक घर को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलीबारी की। इसमें लिंगनई सिंगसिट नाम की महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति सेनेइह सिंगसिट और बेटे को गोली लगी। सुरक्षाबलों ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन असम के सिलचर ले जाते समय सेनेइह की मौत हो गई।
करीब 12 घंटे बाद दूसरी घटना नुंगबा थाना क्षेत्र के लोंगपी गांव में हुई। यहां हथियारबंद हमलावरों ने एक महिला समेत दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतकों की पहचान जूली गैंगटे और आर. गैंगटे के रूप में हुई है। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने घटनाओं पर दुख जताते हुए निर्दोष नागरिकों के खिलाफ हिंसा को कायरतापूर्ण और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। स्थानीय ग्राम प्राधिकरणों और नागरिक संगठनों ने भी हमलों की निंदा करते हुए निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की है।
इन घटनाओं का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि 13 सितंबर को कुकी समुदाय द्वारा ‘ब्लैक डे’ मनाया जाता है। यह दिन 1990 के दशक के कुकी-नागा संघर्ष में मारे गए लोगों की स्मृति में मनाया जाता है। हमलों के बाद क्षेत्र में सामुदायिक तनाव और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।





