केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि मणिपुर की लीक ऑडियो को लेकर फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री की रिपोर्ट तैयार है और जल्द ही उसे कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा। इस ऑडियो में कथित तौर पर पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह की आवाज है, जिसमें वे लोगों को हिंसा के लिए भड़काते सुनाई दे रहे हैं। केंद्र सरकार ने कहा कि रिपोर्ट तैयार है और उसे जल्द ही सीलबंद लिफाफे में कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा।
सीजेआई संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए वकील की दलील को मानते हुए सुनवाई 5 मई तक के लिए टाल दी। गौरतलब है कि कुकी मानवाधिकार संगठन (KOHUR) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि लीक ऑडियो में पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह की आवाज है, जिसमें वे हिंसा भड़काते सुनाई दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पार्टी में बढ़ती बगावत और नाराजगी को देखते हुए एन बीरेन सिंह ने बीती फरवरी में सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।
याचिकाकर्ता कुकी संगठन की तरफ से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने मणिपुर हिंसा में पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह की कथित संलिप्तता की जांच के लिए अदालत की निगरानी में एसआईटी गठित करने की मांग की। लीक ऑडियो में कथित तौर पर पूर्व सीएम मैतई संगठनों को भड़काते हुए और उन्हें सरकार के हथियार और गोला बारूद लूटने के लिए उकसाते सुनाई दे रहे हैं। प्रशांत भूषण ने अदालत में दावा किया कि ट्रुथ लैब ने ऑडियो में एन बीरेन सिंह की आवाज होने की पुष्टि की है, लेकिन अदालत ने ट्रुथ लैब की रिपोर्ट मानने से इनकार कर दिया।





