कोलकाता/ढाका: पड़ोसी देश बांग्लादेश में आए भीषण भूकंप के झटकों ने आज पश्चिम बंगाल सहित उत्तर-पूर्वी भारत के कई हिस्सों को दहला दिया। रिक्टर स्केल पर 5.8 की तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे बताया जा रहा है। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कोलकाता, सिलीगुड़ी और उत्तर-दक्षिण 24 परगना के इलाकों में ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग दहशत के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। फिलहाल, किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन कई पुरानी इमारतों में दरारें आने की खबरें मिल रही हैं।
दहशत का मंजर: सेकंडों तक कांपी धरती
भूकंप दोपहर के समय आया, जब लोग अपने दफ्तरों और घरों में काम कर रहे थे:
- कोलकाता में असर: महानगर की ऊंची बहुमंजिला इमारतों में पंखे और झूमर हिलते देख लोगों में चीख-पुकार मच गई। कई कार्यालयों को तुरंत खाली करा लिया गया और लोग पार्कों व खुली सड़कों की ओर भागे।
- बांग्लादेश में तबाही: भूकंप का केंद्र बांग्लादेश में होने के कारण वहां अधिक तीव्रता महसूस की गई। ढाका और चटगांव जैसे शहरों में लोगों ने करीब 15-20 सेकंड तक कंपन महसूस किया, जिससे कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और टेलीफोन लाइनें प्रभावित हुईं।
- सीमावर्ती जिले प्रभावित: पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों जैसे नदिया, मालदा और मुर्शिदाबाद में भी झटके काफी तेज थे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुँचा है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: ‘आफ्टरशॉक्स’ का खतरा
भूकंप वैज्ञानिकों ने आने वाले घंटों में हल्के झटकों (Aftershocks) की संभावना जताई है:
- सावधानी की अपील: मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन टीम ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और यदि दोबारा झटके महसूस हों, तो लिफ्ट का प्रयोग न करें।
- सक्रिय हुई NDRF: पश्चिम बंगाल के संवेदनशील इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
- सिस्मिक जोन: विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल और बांग्लादेश का यह क्षेत्र ‘सिस्मिक जोन 4’ में आता है, जो भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया: स्थिति पर नजर
पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी जिलाधिकारियों से नुकसान का ब्यौरा मांगा है:
- मुख्यमंत्री का निर्देश: मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग को स्थिति की निरंतर निगरानी करने और प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए हैं।
- सुरक्षा ऑडिट: कोलकाता नगर निगम ने पुरानी और जर्जर इमारतों के सुरक्षा ऑडिट के आदेश दिए हैं ताकि कमजोर ढांचों को चिन्हित किया जा सके।





