देहरादून/शिमला।
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 13 लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में भूस्खलन से कई मकान और दुकानें मलबे में दब गए। चमोली और टिहरी में संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में मंडी, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में हालात गंभीर हैं। वहां भूस्खलन के कारण नेशनल हाईवे और कई आंतरिक मार्ग बाधित हो गए हैं।
बारिश के चलते नदियां और नाले उफान पर हैं। हिमाचल में ब्यास और सतलुज, जबकि उत्तराखंड में गंगा और अलकनंदा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए दोनों राज्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं। प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर से भी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा करते हुए हालात पर लगातार नजर रखने का भरोसा दिलाया है।
मौसम विभाग ने आने वाले 48 घंटों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।





