नई दिल्ली: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच बढ़ते प्रगाढ़ संबंधों को और मजबूती देने के लिए यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान आज भारत पहुँच रहे हैं। नई दिल्ली पहुँचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उनकी अगवानी करेंगे, जो दोनों नेताओं के बीच घनिष्ठ व्यक्तिगत केमिस्ट्री और दोनों देशों के मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक है। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति नाहयान के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा विशेष रूप से भारत के पश्चिमी एशिया के साथ आर्थिक एकीकरण को और अधिक विस्तार देने वाली साबित होगी।
यात्रा के मुख्य एजेंडे और चर्चा के विषय
आज होने वाली उच्च-स्तरीय बैठक में कई अहम समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है:
- आर्थिक साझेदारी (CEPA) का विस्तार: भारत और यूएई के बीच पहले से लागू ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ की समीक्षा की जाएगी और गैर-तेल व्यापार (Non-oil trade) को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा जा सकता है।
- ऊर्जा और नवीकरणीय स्रोत: भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कच्चे तेल के रणनीतिक भंडार और हरित ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में यूएई के निवेश पर चर्चा होगी।
- रुपये-दिरहम में व्यापार: दोनों देश अपनी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करने के तंत्र को और अधिक सरल बनाने पर जोर देंगे ताकि लेनदेन की लागत कम हो सके।
- खाद्य सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत में फूड पार्कों के निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास में यूएई के भारी निवेश को लेकर नई योजनाओं की घोषणा हो सकती है।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर मंथन
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति नाहयान न केवल द्विपक्षीय मुद्दों पर, बल्कि वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा करेंगे:
- मध्य पूर्व में शांति: पश्चिम एशिया में चल रहे वर्तमान तनाव और सुरक्षा चुनौतियों पर दोनों देश एक साझा दृष्टिकोण साझा कर सकते हैं।
- आईटूयूयू (I2U2) और आईएमईसी (IMEC): भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए दोनों नेता अपनी प्रतिबद्धता दोहराएंगे।
- आतंकवाद पर कड़ा प्रहार: सुरक्षा और रक्षा सहयोग को बढ़ाते हुए कट्टरपंथ और आतंकवाद के खिलाफ खुफिया जानकारी साझा करने पर भी बातचीत होगी।
प्रवासी भारतीयों के लिए महत्व
यूएई में रहने वाले करीब 35 लाख से अधिक भारतीयों के हितों और उनकी सुरक्षा को लेकर भी यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति नाहयान की यात्रा से यह संदेश जाएगा कि भारत अपने प्रवासियों के योगदान की सराहना करता है और यूएई प्रशासन के साथ उनके बेहतर भविष्य के लिए निरंतर संवाद में है।
यूएई के राष्ट्रपति की यह भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज बनकर उभर रहा है। यह दौरा न केवल दोनों देशों के व्यापारिक हितों को साधेगा, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि के लिए एक मजबूत गठबंधन की आधारशिला भी रखेगा। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति नाहयान के बीच होने वाली यह मुलाकात आने वाले दशकों के लिए भारत-यूएई संबंधों की दिशा तय करेगी।





