आज 9 जुलाई 2025 को देशभर में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर करीब 25 करोड़ मजदूर इस हड़ताल में शामिल हुए। बैंक, डाक, बीमा, कोयला खदान, निर्माण और कई सरकारी विभागों की सेवाएं प्रभावित रहीं।
हड़तालियों का आरोप है कि सरकार की नीतियां कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाती हैं, जबकि आम मेहनतकश वर्ग को नुकसान होता है। देश के कई राज्यों में बंद का असर देखा गया:
- सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल):
सरकारी बसों का संचालन बाधित हुआ। कई हड़तालियों को हिरासत में लिया गया। - केरल (कोट्टायम):
‘भारत बंद’ को समर्थन देते हुए दुकानें और शॉपिंग मॉल बंद रखे गए। - ओडिशा (भुवनेश्वर):
CITU के कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे को ब्लॉक कर दिया, जिससे यातायात ठप हो गया। - पश्चिम बंगाल (मिदनापुर):
वामपंथी ट्रेड यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड से वाहन रुकवाने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया। - कोलकाता (जादवपुर रेलवे स्टेशन):
वामपंथी यूनियन के सदस्य रेलवे ट्रैक पर पहुंचे और रेल सेवा को रोकने की कोशिश की। पुलिस की मौजूदगी में विरोध दर्ज किया गया।
- हेलमेट पहनकर निकले बस चालक:
हिंसा की आशंका के चलते कई राज्यों में सरकारी बस चालकों ने हेलमेट पहनकर ड्यूटी की। - सरकारी सेवाएं ठप:
बैंकिंग, बीमा, डाक और खनन सेवाओं पर हड़ताल का खासा असर पड़ा।
सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस भारत बंद ने एक बार फिर दिखा दिया कि नीतियों को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है, और सरकार को संवाद की ओर कदम बढ़ाने की ज़रूरत है।





