पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते को लेकर भारत को खुली धमकी दी है। शरीफ ने कहा कि भारत अगर पानी रोकने की कोशिश करता है तो उसे “ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि वह पछताएगा”। यह बयान भारत द्वारा 23 अप्रैल को संधि स्थगित करने के बाद आया है।
इस्लामाबाद में मंगलवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए शहबाज शरीफ ने कहा, “मैं दुश्मन को बता देना चाहता हूं, अगर तुमने हमारे पानी को रोकने की कोशिश की, तो याद रखो, तुम एक बूंद भी नहीं ले जा सकते।” उन्होंने दावा किया कि सिंधु जल समझौता पाकिस्तान के अधिकारों की रक्षा करता है और पानी के प्रवाह को रोकना युद्ध जैसी स्थिति होगा।
यह बयान उस समय आया है जब भारत ने 23 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए) के बाद 1960 में हुए सिंधु जल समझौते को स्थगित करने का फैसला किया था।
बिलावल भुट्टो का हमला:
पीपीपी चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि संधि का स्थगन सिंधु घाटी सभ्यता पर “हमला” है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारत ने युद्ध थोपा तो पाकिस्तान पीछे नहीं हटेगा।
आसिम मुनीर की धमकी:
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, “हम इंतजार करेंगे कि भारत बांध बनाए और जब वह ऐसा करेगा, हम उसे तबाह कर देंगे।” उन्होंने कहा कि सिंधु नदी भारत की जागीर नहीं है और पाकिस्तान के पास भारत की “साजिशों” को नाकाम करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।
भारत का जवाब:
भारत के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को मुनीर के बयान को परमाणु धमकी करार दिया। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के ऐसे बयान उसके परमाणु हथियार नियंत्रण पर सवाल खड़े करते हैं। भारत ने स्पष्ट किया कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा और किसी धमकी के आगे नहीं झुकेगा।





