नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के बीच आज एक उच्चस्तरीय टेलीफोनिक वार्ता हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने पर सहमति बनी। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की, बल्कि वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को बुलंद करने और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का सहयोग करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर
दोनों शीर्ष नेताओं ने रक्षा, कृषि, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर चर्चा की।
- जी-20 और ब्रिक्स (BRICS): प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राजील को जी-20 की सफल अध्यक्षता और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान उनके नेतृत्व की सराहना की। दोनों नेताओं ने माना कि भारत और ब्राजील जैसे देश मिलकर दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं की चिंताओं को प्रभावी ढंग से उठा सकते हैं।
- ऊर्जा और जैव ईंधन: हरित ऊर्जा और इथेनॉल (Ethanol) सम्मिश्रण के क्षेत्र में भारत और ब्राजील के बीच सहयोग को और विस्तारित करने पर चर्चा हुई, जिसमें ब्राजील की विशेषज्ञता भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
- रक्षा और अंतरिक्ष: अंतरिक्ष अनुसंधान और रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने पर भी बातचीत हुई।
ग्लोबल साउथ की आवाज बनेंगे दोनों देश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि राष्ट्रपति लूला के साथ उनकी बातचीत बेहद सार्थक रही। उन्होंने कहा, “भारत और ब्राजील के बीच की रणनीतिक साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। हम खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करना जारी रखेंगे।”
संयुक्त राष्ट्र में सुधार का समर्थन
दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में लंबे समय से लंबित सुधारों की आवश्यकता पर एक बार फिर जोर दिया। भारत और ब्राजील दोनों ही सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के प्रबल दावेदार हैं और ‘जी-4’ (G4) समूह के माध्यम से एक-दूसरे के दावों का पुरजोर समर्थन करते हैं।
व्यापारिक संबंधों को मिलेगी नई गति
वर्तमान में भारत और ब्राजील के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। बातचीत के दौरान यह तय किया गया कि दोनों देशों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुलाकात करेंगे ताकि द्विपक्षीय व्यापार में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके और नए निवेश के अवसर तलाशे जा सकें। विशेष रूप से फार्मास्युटिकल और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के क्षेत्र में भारतीय कंपनियों के लिए ब्राजील एक बड़ा बाजार बनकर उभर रहा है।
यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब दुनिया एक नई भू-राजनीतिक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहाँ भारत और ब्राजील जैसे विकासशील देशों की भूमिका निर्णायक होने वाली है।





