Monday, February 9, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक बर्फ पिघली: दोनों देश नियुक्त करेंगे ‘संपर्क अधिकारी’; डोभाल और कनाडाई NSA की वार्ता में बनी अहम सहमति

नई दिल्ली/ओटावा: भारत और कनाडा के बीच पिछले कई महीनों से जारी तनावपूर्ण संबंधों में एक सकारात्मक मोड़ आता दिख रहा है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और कनाडाई NSA के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने आपसी संवाद को फिर से सुचारू बनाने के लिए ‘संपर्क अधिकारी’ (Liaison Officers) नियुक्त करने पर सहमति व्यक्त की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को बेहतर बनाना और कूटनीतिक गतिरोध को कम करना है।

वार्षा के मुख्य बिंदु: क्यों पड़ी संपर्क अधिकारियों की जरूरत?

हालिया कूटनीतिक विवादों के कारण दोनों देशों के बीच आधिकारिक संवाद लगभग ठप हो गया था। इस नई पहल के तहत निम्नलिखित लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा:

  • सुरक्षा सहयोग: संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति से संगठित अपराध, आतंकवाद और कट्टरपंथ से जुड़ी सूचनाएं सीधे और त्वरित रूप से साझा की जा सकेंगी।
  • भ्रम की स्थिति को टालना: अक्सर कूटनीतिक स्तर पर सूचनाओं की कमी से गलतफहमी पैदा होती है। ये अधिकारी दोनों सरकारों के बीच एक सीधे ‘ब्रिज’ का काम करेंगे।
  • कानूनी प्रक्रिया में तेजी: आपराधिक मामलों में प्रत्यर्पण या जांच से जुड़ी कानूनी औपचारिकताओं को अब इन अधिकारियों के माध्यम से गति दी जा सकेगी।

तनाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला दोनों देशों के बीच जमी ‘कूटनीतिक बर्फ’ को पिघलाने की शुरुआत है:

  1. खुफिया सूचनाओं का साझाकरण: भारत ने लंबे समय से कनाडा में सक्रिय भारत विरोधी तत्वों पर चिंता जताई है। संपर्क अधिकारियों के आने से इन चिंताओं पर अधिक प्रभावी ढंग से काम हो सकेगा।
  2. द्विपक्षीय संबंधों की बहाली: पिछले साल हुई कूटनीतिक तनातनी के बाद यह पहली बार है जब दोनों देशों ने किसी संस्थागत तंत्र (Institutional Mechanism) को फिर से सक्रिय करने पर सहमति जताई है।
  3. प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा: कनाडा में रह रहे भारतीय समुदाय और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए भी यह संवाद तंत्र महत्वपूर्ण साबित होगा।

पृष्ठभूमि: कड़वाहट से संवाद तक का सफर

उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले कनाडाई प्रधानमंत्री द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। इसके बाद से ही संबंधों में खटास आ गई थी। हालांकि, अब अजीत डोभाल और कनाडाई NSA की सीधी बातचीत से यह संकेत मिल रहा है कि दोनों पक्ष विवादों को सुलझाकर आर्थिक और सुरक्षात्मक हितों की ओर बढ़ना चाहते हैं।

Popular Articles