Tuesday, March 3, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

‘भारत एक और युद्ध की तैयारी में’, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का बड़ा दावा; सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल की अपील

इस्लामाबाद/नई दिल्ली: पड़ोसी देश पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही बेहद खराब चल रहे रिश्तों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक आधिकारिक संबोधन के दौरान जरदारी ने दावा किया है कि “भारत, पाकिस्तान के खिलाफ एक और युद्ध की तैयारी कर रहा है।” पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय सेना की बढ़ती हलचल एक बड़े सैन्य अभियान का संकेत है। जरदारी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट और आंतरिक अस्थिरता से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जरदारी का यह ‘युद्ध का राग’ घरेलू जनता का ध्यान भटकाने और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से सहानुभूति बटोरने की एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है।

जरदारी का आरोप: “आक्रामक रुख अपना रहा है भारत”

पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने अपने दावे के समर्थन में कई गंभीर आरोप लगाए:

  • सैन्य जमावड़ा: जरदारी ने आरोप लगाया कि भारत सीमावर्ती इलाकों में अत्याधुनिक हथियारों और अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों की तैनाती कर रहा है।
  • रणनीतिक घेराबंदी: उन्होंने कहा कि भारत न केवल सैन्य रूप से बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है, जो युद्ध की पूर्व तैयारी जैसा है।
  • कश्मीर मुद्दा: जरदारी ने एक बार फिर कश्मीर का राग अलापते हुए कहा कि भारत वहां की स्थिति से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए पाकिस्तान पर हमला कर सकता है।

भारत की प्रतिक्रिया: “अपनी नाकामियां छिपा रहा है पाकिस्तान”

हालांकि भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस बेबुनियाद दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, लेकिन रक्षा सूत्रों का कहना है कि:

  1. आतंकवाद पर कड़ा रुख: भारत ने हमेशा स्पष्ट किया है कि उसकी सैन्य तैयारी केवल आत्मरक्षा और आतंकवाद के खात्मे के लिए है। पाकिस्तान की धरती से पनप रहे आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी।
  2. ध्यान भटकाने की कोशिश: भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों का मानना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था ढह रही है और वहां की सरकार जनता के गुस्से का सामना कर रही है। ऐसे में ‘भारत का डर’ दिखाकर जनता को गुमराह करना पाकिस्तान की पुरानी आदत रही है।
  3. सीमा पर शांति: भारत ने बार-बार कहा है कि वह शांति का पक्षधर है, लेकिन यदि उसकी संप्रभुता को चुनौती दी गई, तो वह मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सक्षम है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ‘एलर्ट’ करने की कोशिश

जरदारी ने अपने संबोधन के दौरान संयुक्त राष्ट्र (UN) और वैश्विक शक्तियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की:

  • उन्होंने चेतावनी दी कि दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच युद्ध पूरे दक्षिण एशिया और दुनिया के लिए विनाशकारी होगा।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस तरह के बयान देकर चीन और अमेरिका जैसे देशों से वित्तीय या सैन्य मदद हासिल करने की जुगत में है।

Popular Articles