Tuesday, March 3, 2026

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भारत-अमेरिका LPG डील: 2026 से कुल आयात का 10% आएगा अमेरिका से

नई दिल्ली। भारत ने तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) की आपूर्ति सुरक्षित और किफायती बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को बताया कि भारत ने पहली बार अमेरिका से बड़ी मात्रा में LPG आयात का ऐतिहासिक अनुबंध किया है। यह करार वर्ष 2026 से प्रभावी होगा।

2.2 मिलियन टन LPG खरीद का करार, कुल आयात का 10%

पुरी के अनुसार, इस समझौते के तहत भारतीय सरकारी तेल कंपनियां—IOCL, BPCL और HPCL—संयुक्त रूप से करीब 2.2 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) LPG अमेरिका से आयात करेंगी। यह मात्रा देश के कुल वार्षिक LPG आयात का लगभग 10 प्रतिशत है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सौदा न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि आपूर्ति के स्रोतों में विविधीकरण भी लाएगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर कम होगा।

“भारत दुनिया का सबसे बड़ा और तेजी से बढ़ता LPG बाजार”

पुरी ने बताया कि भारत आज दुनिया के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते LPG उपभोक्ता बाजारों में शामिल है। अमेरिकी खाड़ी क्षेत्र से LPG आयात की औपचारिक शुरुआत इसे एक नए स्रोत से जोड़ने वाली रणनीतिक उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि इस अनुबंध में माउंट बेल्वियू को LPG मूल्य निर्धारण का बेंचमार्क बनाया गया है। तेल कंपनियों के अधिकारी पिछले कई महीनों से अमेरिका जाकर प्रमुख LPG उत्पादकों से बातचीत कर रहे थे, जिसके बाद यह सौदा अंतिम रूप ले सका।

उज्ज्वला उपभोक्ताओं को मिलती रही राहत, आगे भी जारी रहेगी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि LPG की कीमतें आम उपभोक्ताओं, खासकर केंद्र की उज्ज्वला योजना की लाभार्थी महिलाओं के लिए किफायती रहें।

उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों में 60% से अधिक वृद्धि के बावजूद उज्ज्वला उपभोक्ताओं को सिलेंडर केवल ₹500–550 में मिलता रहा, जबकि उसकी वास्तविक बाजार कीमत ₹1100 से ऊपर थी।
इसके लिए सरकार ने ₹40,000 करोड़ से अधिक की सब्सिडी देकर गरीब परिवारों को महंगाई से राहत प्रदान की।

ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

पुरी ने इस भारत-अमेरिका LPG करार को ऊर्जा सुरक्षा की मजबूती और आयात स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इससे न केवल घरेलू बाजार में स्थिरता आएगी, बल्कि आने वाले वर्षों में LPG की लगातार उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।

2026 से लागू होने वाला यह समझौता भारत के LPG उपभोक्ताओं, विशेषकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए लाभकारी सिद्ध होने की उम्मीद है।

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