नई दिल्ली।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों और चल रही व्यापार वार्ता पर कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और इसे किसी भी रूप में बंद नहीं माना जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने कुछ “रेड लाइंस” तय कर रखी हैं, विशेषकर किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए, जिन पर कोई समझौता संभव नहीं है।
जयशंकर इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, “बातचीत चल रही है, ऐसा बिल्कुल नहीं है कि बातचीत टूट गई हो। यह कोई ऐसी दोस्ती नहीं है जो ‘कट्टी’ हो जाए।”
किसानों और छोटे उत्पादकों की सुरक्षा पर अडिग
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की प्रतिबद्धता अपने किसानों और छोटे व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर अटल है। “यह ऐसा मुद्दा नहीं है जिस पर हम समझौता कर सकें,” उन्होंने कहा।
ट्रंप का तरीका असामान्य
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया फैसलों पर टिप्पणी करते हुए जयशंकर ने कहा कि उनका दुनिया से, यहां तक कि अपने देश से भी व्यवहार करने का तरीका असामान्य है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक मामलों में ऊंचे टैरिफ लगाना और गैर-व्यापारिक मुद्दों के लिए भी टैरिफ का इस्तेमाल करना दुनिया के लिए एक नई चुनौती है।
जयशंकर ने कहा कि ट्रंप के अधिकतर ऐलान सार्वजनिक रूप से किए जाते हैं और अक्सर पहली घोषणा सीधे सार्वजनिक मंचों पर होती है। यह भी उनके असामान्य तौर-तरीकों का हिस्सा है।
भारत पर 50% टैरिफ का ऐलान
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इनमें से 25% टैरिफ पहले से लागू है, जबकि शेष 25% शुल्क 27 अगस्त से लागू होगा।
ट्रंप प्रशासन चाहता है कि भारत रूस से तेल का आयात बंद करे, लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपने हितों को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेगा।





