वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालते ही भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक रिश्तों में एक नई गर्माहट देखने को मिल रही है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, दोनों देश एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) या एक बड़े ‘ट्रेड पैकेज’ पर अंतिम दौर की चर्चा कर रहे हैं। इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को एक ऐसा प्रस्ताव दिया है जो वैश्विक तेल बाजार की दिशा बदल सकता है। ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने और भारत को रियायती दरों पर कच्चा तेल दिलाने का एक नया ‘ऑफर’ पेश किया है, बशर्ते भारत अमेरिकी व्यापारिक हितों को प्राथमिकता दे।
ट्रंप का ‘तेल प्रस्ताव’: भारत के लिए क्यों है अहम?
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल भंडार है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत वहां से तेल नहीं खरीद पा रहा था।
- सस्ते तेल का विकल्प: रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूस से भारी मात्रा में तेल खरीद रहा है। ट्रंप चाहते हैं कि भारत की निर्भरता रूस पर कम हो और वह वेनेजुएला के जरिए अमेरिकी नियंत्रण वाले बाजार से जुड़े।
- पेमेंट सिस्टम: ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वेनेजुएला के साथ व्यापार के लिए भारत को विशेष वित्तीय छूट दी जा सकती है, जिससे डॉलर के दबाव के बिना भुगतान की राह आसान हो सकती है।
प्रस्तावित ‘ट्रेड डील’ के मुख्य बिंदु: क्या होगा खास?
भारत और अमेरिका के बीच जिस डील पर चर्चा चल रही है, उसके सफल होने पर दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट मिलेगा:
- अमेरिकी कृषि उत्पाद: अमेरिका चाहता है कि भारत सेब, बादाम और डेयरी उत्पादों पर आयात शुल्क कम करे।
- भारतीय आईटी और फार्मा: बदले में भारत अपने आईटी पेशेवरों के लिए H-1B वीजा प्रक्रिया को सरल बनाने और भारतीय दवाओं (Generics) को अमेरिकी बाजार में ज्यादा पहुंच दिलाने की मांग कर रहा है।
- रक्षा निर्माण: ‘मेक इन इंडिया’ के तहत अमेरिका अब जेट इंजन और ड्रोन तकनीक का निर्माण भारत में ही शुरू करने पर सहमत हो सकता है।
भू-राजनीतिक मायने: चीन और रूस को संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह नया ऑफर केवल व्यापार नहीं बल्कि एक गहरी कूटनीतिक चाल है:
- रूस की काट: भारत को वेनेजुएला का विकल्प देकर अमेरिका रूस के तेल राजस्व पर चोट करना चाहता है।
- चीन पर लगाम: भारत और अमेरिका का मजबूत आर्थिक गठबंधन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते वर्चस्व को चुनौती देगा।
भारतीय बाजार पर क्या होगा असर?
यदि वेनेजुएला के तेल का आयात फिर से शुरू होता है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। इससे न केवल माल ढुलाई सस्ती होगी, बल्कि खुदरा महंगाई (Inflation) पर भी लगाम लगेगी।
“ट्रंप प्रशासन का यह ऑफर भारत के लिए अपनी ऊर्जा सुरक्षा को विविधता देने का सुनहरा मौका है। वेनेजुएला का तेल और अमेरिका के साथ ट्रेड डील भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का नया केंद्र बना सकती है।” — आर्थिक विश्लेषक
अगला कदम: उच्च स्तरीय वार्ता
अगले महीने भारत के वाणिज्य मंत्री और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसी बैठक में ‘ट्रेड डील’ के मसौदे पर अंतिम मुहर लग सकती है।





