नई दिल्ली: अमेरिका के साथ हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते (Trade Deal) की बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वदेश लौटने पर जोरदार स्वागत किया गया। मंगलवार को संसद भवन परिसर में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) संसदीय दल की बैठक में जैसे ही प्रधानमंत्री ने प्रवेश किया, पूरा हॉल ‘मोदी-मोदी’ के नारों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। एनडीए के सभी घटक दलों के सांसदों ने खड़े होकर और मेज थपथपाकर इस समझौते के लिए प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया। बैठक में इस डील को ‘नए भारत’ की वैश्विक ताकत का प्रमाण बताया गया।
बैठक का माहौल: जीत का उत्साह और एकजुटता
एनडीए की इस विशेष बैठक में गठबंधन की एकजुटता और उत्साह साफ नजर आया:
- भव्य स्वागत: गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
- सांसदों का अभिनंदन: विभिन्न राज्यों से आए एनडीए सांसदों ने इस व्यापारिक समझौते को देश के विकास के लिए ‘गेम-चेंजर’ करार दिया।
- संकल्प: बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री को इस सफल विदेशी दौरे और भारत के हितों को मजबूती से वैश्विक मंच पर रखने के लिए धन्यवाद दिया गया।
पीएम मोदी का संबोधन: “धैर्य और राष्ट्रहित सर्वोपरि”
सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस समझौते के पीछे की रणनीति और इसके भविष्य के लाभों पर विस्तार से चर्चा की:
- भारत की शर्तों पर समझौता: पीएम ने कहा कि भारत ने किसी दबाव में आकर नहीं, बल्कि अपनी शर्तों और देश के छोटे व्यापारियों व किसानों के हितों को ध्यान में रखकर यह डील की है।
- धैर्य का परिणाम: प्रधानमंत्री ने कहा, “ऐसी बड़ी डील्स में समय लगता है, लेकिन यदि आप धैर्य रखें और अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट रहें, तो परिणाम सुखद होते हैं। यह समझौता भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का केंद्र बनाएगा।”
- युवाओं के लिए अवसर: उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों में जाकर युवाओं को बताएं कि इस समझौते से भविष्य में रोजगार के कितने बड़े द्वार खुलने वाले हैं।
ट्रेड डील के मुख्य आकर्षण
प्रधानमंत्री ने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका के साथ हुआ यह समझौता केवल आयात-निर्यात तक सीमित नहीं है:
- तकनीकी हस्तांतरण: भारत को अब महत्वपूर्ण अमेरिकी तकनीक (Critical Tech) आसानी से उपलब्ध होगी।
- शुल्क में कटौती: भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी बाजार में टैक्स कम होगा, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
- निवेश की बाढ़: आने वाले समय में अमेरिकी कंपनियों द्वारा भारत में बड़े निवेश की संभावना है।
विपक्ष को कड़ा संदेश
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश की प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता सब देख रही है। उन्होंने एनडीए सांसदों को निर्देश दिया कि वे सकारात्मकता के साथ सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं।
“आज दुनिया भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। अमेरिका के साथ यह ट्रेड डील हमारे आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि दो बड़े लोकतंत्रों के बीच साझा भविष्य की नींव है।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी





