Wednesday, March 4, 2026

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भारतीय सेना का 78वां स्थापना दिवस आज: पहली बार दुनिया देखेगी ‘भैरव बटालियन’ का दम; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में होगा शक्ति प्रदर्शन

नई दिल्ली/लखनऊ: भारतीय थल सेना आज अपना 78वां स्थापना दिवस मना रही है। इस अवसर पर आयोजित होने वाली भव्य परेड में पहली बार भारतीय सेना की नव-गठित ‘भैरव बटालियन’ अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे और परेड की सलामी लेंगे। सैन्य कूटनीति और स्वदेशी रक्षा तकनीक के संगम के रूप में इस बार की परेड को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ओर बढ़ते कदमों के तौर पर देखा जा रहा है। विशेष बात यह है कि सेना दिवस परेड को दिल्ली से बाहर आयोजित करने की परंपरा को जारी रखते हुए, इस बार भी इसे क्षेत्रीय कमांड मुख्यालयों में से एक में आयोजित किया जा रहा है, ताकि जनता का सेना से जुड़ाव और अधिक मजबूत हो सके।

क्या है ‘भैरव बटालियन’ और क्यों है यह खास?

इस साल की परेड का मुख्य आकर्षण ‘भैरव बटालियन’ का मार्च-पास्ट होगा। इस बटालियन के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां:

  • विशिष्ट कार्यक्षमता: भैरव बटालियन को विशेष रूप से आधुनिक युद्ध तकनीकों, ड्रोन ऑपरेशन्स और साइबर सुरक्षा के साथ-साथ कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई (Rapid Action) के लिए तैयार किया गया है।
  • स्वदेशी हथियारों से लैस: यह बटालियन पूरी तरह से भारत में निर्मित हथियारों और उपकरणों का उपयोग करती है, जो ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता का प्रमाण है।
  • रणनीतिक महत्व: रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस बटालियन का गठन भविष्य के ‘नेटवर्क-सेंट्रिक’ युद्धों को ध्यान में रखकर किया गया है।

रक्षा मंत्री की उपस्थिति और कार्यक्रम का विवरण

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह परेड के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे:

  1. वीरता पुरस्कारों का वितरण: रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे अदम्य साहस का परिचय देने वाले सैनिकों को सेना पदक और अन्य वीरता पुरस्कारों से सम्मानित करेंगे।
  2. शक्ति प्रदर्शन: परेड के दौरान स्वदेशी निर्मित ‘अर्जुन’ टैंक, ‘आकाश’ मिसाइल सिस्टम और ‘पिनाका’ रॉकेट लॉन्चर अपनी गर्जना से आसमान गुंजायमान करेंगे।
  3. आर्मी एविएशन का शो: सेना के हेलीकॉप्टर आसमान में जांबाजी का प्रदर्शन करेंगे और तिरंगा लहराते हुए परेड स्थल के ऊपर से गुजरेंगे।

15 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व

सेना दिवस प्रतिवर्ष 15 जनवरी को फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा के सम्मान में मनाया जाता है:

  • ऐतिहासिक हस्तांतरण: 15 जनवरी 1949 को ही जनरल करियप्पा ने ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल सर फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली थी।
  • पहले भारतीय सेना प्रमुख: इसी दिन भारतीय सेना को अपना पहला भारतीय प्रमुख मिला था, जिसके बाद से यह दिन भारतीय सैन्य गौरव का प्रतीक बन गया।

सेना प्रमुख का संदेश

परेड से पूर्व सेना प्रमुख ने सभी सैनिकों और उनके परिवारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ देश के भीतर किसी भी आपदा के समय सबसे आगे रहती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह आधुनिक और तैयार है।

निष्कर्ष: अदम्य साहस का उत्सव

आज का दिन केवल परेड का नहीं, बल्कि उन लाखों सैनिकों के बलिदान को याद करने का है जो शून्य से नीचे के तापमान और तपते रेगिस्तानों में हमारी सुरक्षा के लिए तैनात हैं। ‘भैरव बटालियन’ का पहली बार सार्वजनिक प्रदर्शन यह संदेश देता है कि भारतीय सेना अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से भी दुनिया की सबसे आधुनिक सेनाओं में शुमार होने की राह पर है।

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