Monday, February 23, 2026

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भारतीय डाक बना देश का सबसे बड़ा ‘बैंकिंग नेटवर्क’: 38 करोड़ बचत खातों में जमा हुए 22 लाख करोड़ रुपये; केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने दी जानकारी

नई दिल्ली: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय डाक विभाग (India Post) की बढ़ती ताकत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। मंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में भारतीय डाक के पास 38 करोड़ बचत खाते हैं, जिनमें कुल 22 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जमा है। यह आंकड़े न केवल डाक विभाग की विश्वसनीयता को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी साबित करते हैं कि आज भी भारतीय समाज के एक बड़े वर्ग, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ‘डाकघर’ बचत और सुरक्षा का सबसे भरोसेमंद केंद्र बना हुआ है।

बैंकिंग क्षेत्र में डाक विभाग का दबदबा

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय डाक के कायाकल्प और इसके वित्तीय प्रदर्शन पर चर्चा की:

  • विशाल पूंजी आधार: 22 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि के साथ डाक विभाग अब देश के कई बड़े वाणिज्यिक बैंकों के समकक्ष खड़ा हो गया है। यह राशि दर्शाती है कि आम जनता अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए पोस्ट ऑफिस की योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है।
  • वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion): 38 करोड़ खातों का होना यह प्रमाणित करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वित्तीय समावेशन’ के विजन को धरातल पर उतारने में डाक विभाग की अहम भूमिका रही है।

ग्रामीण भारत की ‘लाइफलाइन’ है डाकघर

मंत्री सिंधिया ने बताया कि डाक विभाग की सफलता का राज उसकी पहुंच और सेवा की गुणवत्ता में छिपा है:

  1. अंतिम छोर तक पहुंच: देश के उन सुदूरवर्ती इलाकों में जहां निजी या सरकारी बैंकों की शाखाएं नहीं हैं, वहां डाकघर एक बैंक के रूप में कार्य कर रहा है।
  2. विश्वसनीय निवेश: डाकघर की छोटी बचत योजनाएं, सुकन्या समृद्धि योजना और वरिष्ठ नागरिक बचत योजनाओं ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है।
  3. डिजिटल परिवर्तन: सिंधिया ने जोर देकर कहा कि अब डाकघर केवल चिट्ठियों तक सीमित नहीं है। ‘इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक’ (IPPB) के जरिए इसे आधुनिक बैंकिंग सेवाओं से जोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीण लोग अपने घर पर ही नकद निकासी और जमा की सुविधा पा रहे हैं।

आधुनिक सेवाओं और तकनीक पर जोर

सरकार अब भारतीय डाक को पूरी तरह से डिजिटल और हाई-टेक बनाने की दिशा में काम कर रही है:

  • पार्सल सेवा में सुधार: ई-कॉमर्स की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए डाक विभाग अपने लॉजिस्टिक्स और पार्सल डिलीवरी सिस्टम को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार कर रहा है।
  • ड्रोन डिलीवरी का परीक्षण: मंत्री ने भविष्य की संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि दुर्गम इलाकों में दवाएं और महत्वपूर्ण दस्तावेज पहुंचाने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

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