Friday, January 2, 2026

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भयानक लापरवाही: दूषित पेयजल ने ली 14 लोगों की जान, जांच में पानी में मिला ‘मानव मल-मूत्र’; कई अब भी ICU में

मुख्य संवाददाता: इलाके में पेयजल आपूर्ति में हुई भारी लापरवाही ने एक बड़े नरसंहार का रूप ले लिया है। दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अभी भी अस्पतालों में जीवन और मौत की जंग लड़ रहे हैं। लैब की शुरुआती जांच रिपोर्ट ने सभी के होश उड़ा दिए हैं, जिसमें यह पुष्टि हुई है कि सप्लाई किए गए पानी में मानव मल-मूत्र (Fecal Contamination) की भारी मात्रा मौजूद थी।

कैसे फैली महामारी?

पिछले कुछ दिनों से इलाके में डायरिया और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने लगी थी। स्थानीय प्रशासन ने इसे सामान्य मौसमी बीमारी समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन जब मौतों का सिलसिला शुरू हुआ तो हड़कंप मच गया।

  • लैब रिपोर्ट का खुलासा: स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए पानी के नमूनों की माइक्रोबायोलॉजिकल जांच में ई-कोलाई (E. coli) और अन्य घातक बैक्टीरिया पाए गए हैं। रिपोर्ट से स्पष्ट है कि पेयजल की मुख्य लाइन में सीवेज (सीवर) का पानी मिलने के कारण यह संक्रमण फैला।
  • मृतकों का आंकड़ा: मरने वालों में बच्चे और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है, जिनका शरीर इस घातक संक्रमण को झेल नहीं पाया।

अस्पतालों में आपात स्थिति, ICU फुल

क्षेत्र के सभी सरकारी और निजी अस्पताल मरीजों से पटे पड़े हैं।

  1. गंभीर हालत: लगभग 20 से अधिक मरीज वर्तमान में ICU (इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती हैं, जिनमें से 5 की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
  2. लक्षण: मरीजों में तेज बुखार, लगातार उल्टियां और शरीर में पानी की भारी कमी (Dehydration) जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। कई मरीजों के गुर्दों (Kidneys) पर भी संक्रमण का असर पड़ा है।

प्रशासनिक विफलता और जांच के घेरे में जल संस्थान

इस घटना ने जल आपूर्ति विभाग और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • पुरानी पाइपलाइन: प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पेयजल की पाइपलाइन काफी पुरानी थी और सीवर लाइन के बिल्कुल करीब से गुजर रही थी। लीकेज के कारण सीवेज का गंदा पानी पेयजल की पाइपों में रिसने लगा।
  • क्लोरीनेशन का अभाव: जांच में यह भी पाया गया कि सप्लाई से पहले पानी का उचित शुद्धिकरण और क्लोरीनेशन नहीं किया जा रहा था।

आक्रोशित जनता और सरकार की कार्रवाई

घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों ने विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

  • जांच कमेटी गठित: राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दी है और संबंधित क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर तथा लाइनमैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
  • वैकल्पिक व्यवस्था: वर्तमान में प्रभावित क्षेत्र की जलापूर्ति रोक दी गई है और टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुँचाया जा रहा है।

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