नई टिहरी। विकास कार्यों में लापरवाही और सुस्ती का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। राज्य की प्रमुख निर्माण एजेंसी ब्रिडकुल (ब्रिज, रोड, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की उदासीनता के चलते टिहरी जिले में चार पुलों का निर्माण अधर में लटक गया है। हालत यह है कि ग्रामीणों और राहगीरों को आज भी जान जोखिम में डालकर बल्ली और अस्थायी रास्तों के सहारे पिलंग गाड जैसी खतरनाक धारा को पार करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल निर्माण की घोषणा कई साल पहले हुई थी और ब्रिडकुल को काम सौंपा गया था, लेकिन अब तक परियोजनाएं अधूरी ही पड़ी हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जब पानी का बहाव तेज हो जाता है और लोगों की आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो जाती है। कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल न ले जा पाने से जान पर बन आती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ब्रिडकुल के अधिकारी न तो समय पर निरीक्षण करते हैं और न ही काम की प्रगति पर कोई ध्यान देते हैं। ठेकेदारों द्वारा निर्माण कार्य बीच में ही छोड़ देने से पुल अधूरे पड़े हैं। परिणामस्वरूप लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पिलंग गाड क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि बच्चों को स्कूल जाने और किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर पुल निर्माण का कार्य पूरा कराए, ताकि उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सके।
उधर, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पुल निर्माण कार्य की समीक्षा की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा। यदि आवश्यक हुआ तो सरकार वैकल्पिक एजेंसी के माध्यम से अधूरे पुलों को पूरा कराने पर विचार कर सकती है।





