लंदन।
ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई-6 के प्रमुख ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शांति वार्ता के इच्छुक नहीं हैं, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भ्रमित करने की रणनीति अपना रहे हैं।
“पुतिन का मकसद सिर्फ समय खरीदना”
एमआई-6 प्रमुख के अनुसार, पुतिन और उनके करीबी सहयोगी शांति वार्ता की बात कर दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि वे संघर्ष समाप्त करने की दिशा में तैयार हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि रूस लगातार अपने सैन्य अभियानों को तेज कर रहा है। खुफिया प्रमुख ने कहा कि पुतिन शांति का दिखावा कर सैन्य शक्ति बढ़ाने और नए मोर्चे खोलने में लगे हुए हैं।
पश्चिमी देशों को दी चेतावनी
खुफिया प्रमुख ने पश्चिमी देशों को आगाह किया कि रूस की चालबाजियों से सतर्क रहना होगा। उन्होंने कहा कि “अगर दुनिया पुतिन की कथनी पर भरोसा कर बैठी, तो यह एक बड़ी रणनीतिक भूल होगी। उनका असली लक्ष्य युद्ध को लंबा खींचना और अपने पक्ष में हालात बदलना है।”
यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था और तब से यह संघर्ष लगातार जारी है। कई दौर की मध्यस्थता और वार्ताओं के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आ सका है। इस बीच रूस ने कई बार शांति वार्ता की इच्छा जताई, लेकिन यूक्रेन और पश्चिमी देश इसे “समय खींचने की चाल” मानते रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
खुफिया प्रमुख के इस बयान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है कि क्या रूस वास्तव में शांति चाहता है या यह केवल एक भ्रम फैलाने वाला अभियान है। पश्चिमी जगत का एक बड़ा वर्ग मानता है कि जब तक रूस युद्ध बंद करने का ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक उसकी हर शांति पहल पर संदेह बना रहेगा।





