देहरादून/उत्तराखंड। उत्तराखंड का डिजास्टर मैनेजमेंट मॉडल ब्रिक्स देशों के अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी विशिष्ट सफलता के कारण चर्चा में है। राज्य के सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन की रणनीति और तत्परता को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने सराहा और इसे आपदा प्रबंधन में बेहतरीन उदाहरण बताया।
उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन ने मुश्किल पहाड़ी इलाके में फंसे लोगों को समय पर बचाने के लिए आधुनिक तकनीक, ड्रोन सर्वे और प्रशिक्षित टीमों का बेहतरीन इस्तेमाल किया। इस प्रयास की सफलता को देखते हुए इसे ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत किया गया और इसे “उत्कृष्ट आपदा प्रतिक्रिया मॉडल” के रूप में मान्यता मिली।
इस अवसर पर उत्तराखंड के डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग के प्रमुख ने कहा, “हमारा उद्देश्य हमेशा लोगों की जान बचाना और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेजी से पहुंचाना रहा है। सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता ने साबित कर दिया कि प्रशिक्षण, योजना और तकनीक के सही इस्तेमाल से कठिन परिस्थितियों में भी शानदार परिणाम लाए जा सकते हैं।”
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड की यह पहल अन्य ब्रिक्स देशों के लिए सीख का मौका है, क्योंकि राज्य ने सीमित संसाधनों के बावजूद समय पर प्रभावी राहत और बचाव कार्य किया। ड्रोन और सैटेलाइट इमेजिंग का इस्तेमाल, स्थानीय स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण और रेस्क्यू टीमों का समन्वय इसे मॉडल ऑपरेशन बनाते हैं।
ब्रिक्स मंच पर इस मॉडल को साझा करने के बाद कई देशों ने उत्तराखंड से तकनीकी और रणनीतिक मार्गदर्शन लेने की इच्छा जताई है। राज्य सरकार ने भी इस सफलता का श्रेय स्थानीय प्रशासन, राहत टीमों और स्वयंसेवकों को दिया।





