बीजापुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुरुवार सुबह डीआरजी (District Reserve Guard) के जवानों और माओवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में दो खूंखार माओवादी मारे गए हैं। घटना के बाद इलाके में सघन तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया गया, जिसमें जवानों ने मौके से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की है। बस्तर क्षेत्र में माओवाद के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कगार’ के तहत इसे एक महत्वपूर्ण कामयाबी माना जा रहा है।
मुठभेड़ का विवरण: घेराबंदी कर किया हमला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब डीआरजी की टीम सूचना के आधार पर गश्त के लिए निकली थी।
- सटीक खुफिया जानकारी: सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि गंगालूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंगलों में बड़ी संख्या में माओवादी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए जुटे हैं।
- आमने-सामने की जंग: जैसे ही जवान चिह्नित स्थान पर पहुँचे, वहां छिपे माओवादियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की। लगभग दो घंटे तक चली इस गोलीबारी के बाद माओवादी घने जंगलों की आड़ लेकर भाग खड़े हुए।
मौके से बरामदगी और पहचान
फायरिंग रुकने के बाद जब सुरक्षाबलों ने इलाके की तलाशी ली, तो वहां दो पुरुष माओवादियों के शव बरामद हुए।
- हथियार और गोला-बारूद: जवानों ने मौके से अत्याधुनिक हथियार, विस्फोटक (IED), डेटोनेटर, माओवादी वर्दी और साहित्य बरामद किया है।
- शिनाख्त की प्रक्रिया: मारे गए माओवादियों की शिनाख्त की जा रही है। पुलिस का अनुमान है कि ये किसी सक्रिय संगठन के सदस्य थे और इन पर भारी इनाम भी हो सकता है।
सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ वाली जगह पर और अधिक माओवादियों के घायल होने या छिपे होने की संभावना है।
- अतिरिक्त बैकअप: क्षेत्र में एसटीएफ और सीआरपीएफ की अतिरिक्त टुकड़ियों को भेज दिया गया है ताकि घेराबंदी को और मजबूत किया जा सके।
- बॉर्डर पर अलर्ट: पड़ोसी जिलों और सीमावर्ती इलाकों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है ताकि भाग रहे माओवादी दूसरे राज्यों की सीमा में प्रवेश न कर सकें।
सुरक्षाबलों का बढ़ता दबाव
पिछले कुछ महीनों में बस्तर डिवीजन में सुरक्षाबलों ने माओवादियों के गढ़ में घुसकर कई बड़े ऑपरेशनों को अंजाम दिया है। इस सफलता के बाद बस्तर आईजी (IG) ने जवानों के साहस की प्रशंसा की है।
“बीजापुर में हुई यह कार्रवाई हमारे जवानों के सटीक सूचना तंत्र और बहादुरी का परिणाम है। हम क्षेत्र से माओवाद के खात्मे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। जब तक इलाका सुरक्षित नहीं हो जाता, सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।” — अधिकारी, छत्तीसगढ़ पुलिस





