Saturday, February 14, 2026

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025: आज शाम 4 बजे चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस, हो सकता है तारीखों का ऐलान

नई दिल्ली/पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का आज ऐलान हो सकता है। निर्वाचन आयोग सोमवार शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा, जिसमें प्रदेश के चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा किए जाने की संभावना है।

अमर उजाला के सूत्रों के अनुसार, आयोग ने इस बार बिहार में दो चरणों में चुनाव कराने की तैयारी की है। बताया जा रहा है कि पहला चरण छठ पर्व (27-28 अक्तूबर) के तुरंत बाद आयोजित किया जा सकता है। आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने बिहार में दो दिवसीय समीक्षा यात्रा पूरी करने के बाद रविवार को दिल्ली लौटकर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है।

सूत्रों के मुताबिक, इस बार तीन की बजाय दो चरणों का प्रस्ताव इसलिए तैयार किया गया है ताकि छठ के बाद प्रवासी बिहारियों की वापसी के समय उन्हें मतदान में भाग लेने का मौका मिल सके। पहले चरण में उत्तर और मध्य बिहार के जिलों को शामिल करने की संभावना है, जिससे मतदाता भागीदारी में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

चुनावों में नई व्यवस्था

इससे पहले रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि बिहार विधानसभा चुनाव में आयोग 17 नई पहलें लागू करने जा रहा है। इनमें से कुछ मतदान से पहले, कुछ मतदान के दौरान और कुछ प्रक्रिया के बाद लागू की जाएंगी।

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस बार पहली बार राज्य के 100 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, इसलिए चुनाव इसी से पहले संपन्न कराए जाएंगे।

सीईसी ने कहा, “22 वर्षों के बाद बिहार की मतदाता सूची को ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)’ के जरिये पूरी तरह शुद्ध किया गया है। इससे फर्जी मतदाताओं को हटाया गया है और नई प्रविष्टियां सटीकता के साथ जोड़ी गई हैं।”

उन्होंने बताया कि इन 17 पहलों में एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी शामिल है, जिसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदाता के रूप में पंजीकरण के 15 दिनों के भीतर वोटर आईडी कार्ड जारी हो जाए। इसके अलावा, सभी मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन जमा करने की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता न हो।

ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कानूनी और अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने को लेकर शिकायत है, तो वह जिला मजिस्ट्रेट के पास अपील कर सकता है। नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक नाम जोड़े या हटाए जा सकते हैं।

आयोग के सूत्रों के अनुसार, आज शाम की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा, नामांकन की तिथियां, मतदान और मतगणना के दिन सहित पूरी प्रक्रिया का ब्यौरा साझा किया जाएगा।

राजनीतिक हलकों में अब बिहार चुनावी माहौल बन चुका है। सभी दलों — जेडीयू, आरजेडी, भाजपा और कांग्रेस — ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य में सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंचने की संभावना है।

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