पटना। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन (Grand Alliance) में सीट बंटवारे का मुद्दा आज सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है। लंबे समय से चल रही चर्चाओं और मतभेदों के बीच अब राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आज पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ दिल्ली में बैठक कर सीटों के अंतिम फार्मूले पर मुहर लगा सकते हैं।
महागठबंधन में सीटों को लेकर गतिरोध
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, वामदलों और अन्य सहयोगी दलों के बीच पिछले कई दिनों से सीटों के बंटवारे को लेकर गहमागहमी बनी हुई है। राजद जहां अपने बड़े जनाधार के चलते अधिक सीटें मांग रही है, वहीं कांग्रेस और वामपंथी दल अपने संगठनात्मक प्रभाव और पिछले चुनावों के प्रदर्शन का हवाला देकर सम्मानजनक हिस्सेदारी की मांग पर अड़े हैं।
सूत्रों के मुताबिक, राजद ने कांग्रेस को 60 से कम सीटों का प्रस्ताव दिया है, जबकि कांग्रेस 80 सीटों से कम पर तैयार नहीं है। वामदलों के लिए भी सीटों की संख्या को लेकर कुछ समायोजन की संभावना जताई जा रही है।
खरगे करेंगे अंतिम बातचीत
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज दिल्ली में बिहार कांग्रेस प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. मनोज झा, और महागठबंधन के अन्य प्रमुख नेताओं के साथ बैठक बुलाई है। बैठक में सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान चाहता है कि विवाद जल्द खत्म कर चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
राजद-कांग्रेस में बनी आपसी समझ की कोशिशें
राजद की ओर से भी संकेत मिले हैं कि गठबंधन को किसी भी हाल में टूटने नहीं दिया जाएगा। राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने हाल ही में कहा था कि “महागठबंधन बिहार की जनता के भरोसे का प्रतीक है, और सीट बंटवारे पर सहमति जरूर बनेगी।” उन्होंने दावा किया कि सभी दल एक साझा उद्देश्य — भाजपा को सत्ता से बाहर करने — के लिए एकजुट हैं।
पिछले चुनावों के आंकड़ों पर नजर
गौरतलब है कि वर्ष 2020 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 70 सीटें मिली थीं, जिनमें से वह केवल 19 सीटें जीत पाई थी। वहीं राजद ने 75 सीटें जीतीं और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इस बार राजद चाहता है कि सीटों का बंटवारा 2020 के प्रदर्शन के अनुपात में किया जाए।
अगले 48 घंटे अहम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी 48 घंटे महागठबंधन के लिए निर्णायक होंगे। अगर आज की बैठक में सहमति बन जाती है, तो संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीटों की घोषणा भी की जा सकती है। हालांकि, अगर गतिरोध बरकरार रहता है, तो कांग्रेस का रुख आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
बिहार में चुनावी बिगुल बज चुका है, और सभी दलों ने अपने-अपने स्तर पर प्रचार अभियान की तैयारियां तेज कर दी हैं। अब निगाहें आज की बैठक पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि महागठबंधन एकजुट होकर मैदान में उतरता है या नहीं।





