ढाका/मैमनसिंह: बांग्लादेश में आम चुनावों के मतदान से ठीक तीन दिन पहले सांप्रदायिक और राजनीतिक हिंसा का एक खौफनाक मामला सामने आया है। देश के मैमनसिंह जिले में एक प्रमुख हिंदू व्यापारी की अज्ञात हमलावरों ने नृशंस हत्या कर दी। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के बीच डर और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चुनाव से पहले अल्पसंख्यकों को डराने और मतदान से दूर रखने के उद्देश्य से इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया है।
वारदात का विवरण: देर रात घर लौटते समय हुआ हमला
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब पीड़ित अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहा था:
- घात लगाकर हमला: हमलावरों ने व्यापारी को रास्ते में घेर लिया और धारदार हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ वार किए। पीड़ित को संभलने का मौका तक नहीं मिला और अत्यधिक खून बह जाने के कारण मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
- पहचान: मृतक की पहचान स्थानीय स्तर पर एक सम्मानित व्यवसायी के रूप में हुई है, जिनका परिवार वर्षों से उस क्षेत्र में व्यापार कर रहा है।
- साक्ष्य मिटाने की कोशिश: शुरुआती जांच में पता चला है कि हत्यारों ने साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय लोगों के जुटने के कारण वे मौके से फरार हो गए।
हिंदू समुदाय का आक्रोश और विरोध प्रदर्शन
हत्या की खबर फैलते ही हिंदू समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की:
- सुरक्षा की मांग: प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि चुनाव तक हिंदू बस्तियों और मंदिरों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएं।
- पूजा परिषद का बयान: बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद ने इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर चुनाव से पहले हिंदू समुदाय को ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनाया जाता है।
- बाजार बंद: शोक और विरोध स्वरूप स्थानीय व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
चुनाव के मद्देनजर संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर है:
- जांच के लिए विशेष टीम: मैमनसिंह के पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि हत्या के पीछे के उद्देश्यों (चाहे वह राजनीतिक हो या व्यक्तिगत रंजिश) का पता लगाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है।
- गश्त बढ़ाई गई: संवेदनशील इलाकों में पुलिस और बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो।
- संदिग्धों की धरपकड़: पुलिस ने कुछ स्थानीय संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, हालांकि अभी तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।




