नई दिल्ली/पटना। देशभर में लगातार मिल रही बम धमकी की खबरों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। कुछ ही दिनों के भीतर दिल्ली, मुंबई और अब बिहार में बम होने की झूठी सूचनाएँ सामने आईं। इन घटनाओं से जहाँ आम लोगों में अफरा-तफरी मच गई, वहीं सुरक्षा एजेंसियों को भी लगातार सतर्क रहना पड़ रहा है।
दिल्ली और मुंबई में अफरा-तफरी
कुछ दिन पहले दिल्ली के कई प्रमुख स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर ई-मेल के जरिए बम धमाके की धमकी दी गई थी। हालांकि जांच में यह सभी संदेश फर्जी निकले। इसके बाद मुंबई में भी रेलवे स्टेशन और हवाईअड्डे पर इसी तरह की सूचना मिली, जिसने पुलिस को अलर्ट मोड पर ला दिया। हर बार बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कुछ बरामद नहीं हुआ।
अब बिहार में बम की सूचना
ताजा मामला बिहार का है। पटना समेत कई जिलों में अज्ञात कॉलर्स ने प्रशासन को बम लगाए जाने की सूचना दी। तुरंत पुलिस और एटीएस की टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई स्थानों की घेराबंदी की गई और घंटों तलाशी अभियान चला। अंत में ये सूचनाएँ भी अफवाह साबित हुईं।
सुरक्षा एजेंसियाँ चौकन्नी
झूठी धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ न सिर्फ संसाधनों की बर्बादी करती हैं बल्कि आम जनता में डर भी फैलाती हैं। फिलहाल साइबर सेल और इंटेलिजेंस एजेंसियाँ इन धमकी संदेशों और कॉल्स के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं।
क्या है मकसद?
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की झूठी धमकियों के पीछे दो संभावनाएँ हो सकती हैं –
1. शरारती तत्व, जो प्रशासन को परेशान करना चाहते हैं।
2. संगठित साइबर गिरोह, जो दहशत फैलाकर बड़े अपराधों के लिए माहौल बनाते हैं।
सरकार का संदेश
गृह मंत्रालय ने राज्यों को सतर्क रहने और किसी भी सूचना को हल्के में न लेने के निर्देश दिए हैं। वहीं जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।





