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बनभूलपुरा पुनर्वास की ओर कदम: 20 मार्च से छह स्थानों पर लगेंगे विशेष शिविर; पीएम आवास योजना के लिए घर-घर बंटेंगे फॉर्म

हल्द्वानी (16 मार्च, 2026): बनभूलपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही से पहले, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन ने प्रभावितों के पुनर्वास (Rehabilitation) की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पात्र परिवारों को घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्र में आगामी 20 मार्च से विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। रविवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला प्रशासन की उच्च स्तरीय बैठक में इस कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।

छह स्थानों पर लगेंगे शिविर: 20 से 31 मार्च तक चलेगी प्रक्रिया

पुनर्वास प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है:

  • शिविरों का आयोजन: बनभूलपुरा के छह अलग-अलग स्थानों पर 20 मार्च से 31 मार्च, 2026 तक कैंप लगाए जाएंगे।
  • रेलवे और आरपीएफ की मौजूदगी: राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणि त्रिपाठी ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शिविर में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान अनिवार्य रूप से तैनात रहेंगे ताकि समन्वय बना रहे।
  • पात्रता और आवेदन: इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य प्रभावित क्षेत्र के उन लोगों की पहचान करना है जो प्रधानमंत्री आवास योजना के मानकों को पूरा करते हैं और उन्हें फॉर्म भरवाने में मदद करना है।

घर-घर जाकर बांटे जाएंगे आवेदन फॉर्म

प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में छूट न जाए:

  1. 17 मार्च से वितरण: कल यानी 17 मार्च से जिला प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल की संयुक्त टीमें क्षेत्र में घर-घर जाकर आवेदन फॉर्म वितरित करेंगी।
  2. कैंप में उपलब्धता: जो लोग घर पर फॉर्म प्राप्त नहीं कर पाएंगे, उनके लिए शिविरों में पर्याप्त संख्या में आवेदन फॉर्म उपलब्ध रहेंगे।
  3. डीएम कार्यालय में रणनीति: जिलाधिकारी कार्यालय में हुई बैठक में तय किया गया कि विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकर्ता लोगों को फॉर्म भरने और आवश्यक दस्तावेज जुटाने में भी सहयोग करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन

यह पूरी कवायद सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुनर्वास को लेकर दिए गए मानवीय दृष्टिकोण वाले आदेशों के तहत की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया से पहले बेघर होने वाले परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। बैठक में विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव ने जोर देकर कहा कि पुनर्वास की यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के दायरे में होनी चाहिए।

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