कोलकाता। अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा कि दुनिया अब पारंपरिक युद्ध से तकनीक-आधारित युद्ध की ओर बढ़ रही है और आने वाला समय हमारी तैयारी की क्षमता पर निर्भर करेगा। सोमवार को आईआईटी खड़गपुर के प्लेटिनम जुबली समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा— “अब युद्ध मैदानों में नहीं, सर्वर फार्म्स से लड़े जाएंगे। हथियार बंदूकें नहीं, बल्कि एल्गोरिदम होंगे।”
अदाणी ने कहा कि साम्राज्य अब जमीन पर नहीं बल्कि डेटा सेंटर्स में बन रहे हैं। सेनाएं बटालियनों की जगह बॉटनेट होंगी। इस परिप्रेक्ष्य में भारत को आत्मनिर्भरता की आजादी के लिए लड़ना होगा।
उन्होंने छात्रों और प्रोफेसरों से कहा— “आप स्वतंत्रता सेनानियों की नई पीढ़ी हैं। आपका नवाचार, सॉफ्टवेयर कोड और विचार ही आज के असली हथियार हैं। यही तय करेगा कि भारत अपना भविष्य खुद लिखेगा या इसे दूसरों के हाथों में सौंप देगा। यह केवल सीमाओं की रक्षा का सवाल नहीं बल्कि तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक नवाचार में अग्रणी बने रहने का विषय है।”
“कंपनियां देशों से ज्यादा शक्तिशाली हो जाएंगी”
अदाणी ने चेतावनी दी कि रोबोटिक्स और एआई की दुनिया में लागत लाभ तेजी से खत्म हो जाएंगे। ऐसे में प्रतिस्पर्धा बनाए रखना कठिन होगा और कई कंपनियां देशों से भी अधिक शक्तिशाली बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि यही चुनौती शैक्षणिक संस्थानों के सामने भी है। उन्हें बदलना होगा, अत्याधुनिक शोध को आगे बढ़ाना होगा और साथ ही वास्तविक दुनिया के प्रभावों के प्रति जवाबदेह भी रहना होगा।
समारोह के अंत में अदाणी ने कहा— “भारत को इस नए दौर की लड़ाई के लिए सबसे प्रतिभाशाली दिमागों की आवश्यकता है। यह समय विरासत पर आश्रित रहने का नहीं बल्कि भविष्य की नई रूपरेखा गढ़ने का है।”





