नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और बिहार में कथित जनसांख्यिकीय बदलावों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि केंद्र सरकार ऐसे किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने और सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए जल्द ही ‘स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट’ लागू किया जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा अब केवल पारंपरिक तरीकों से संभव नहीं है। बदलती चुनौतियों को देखते हुए आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा तंत्र विकसित किया जा रहा है। इसके तहत ड्रोन, रडार, हाई-टेक कैमरे और अन्य उन्नत निगरानी उपकरणों का उपयोग कर भारत की सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि अवैध घुसपैठ देश की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और स्थानीय प्रशासन से समन्वय बढ़ाकर घुसपैठ के रास्तों की पहचान करने तथा उन्हें पूरी तरह बंद करने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार एक सशक्त सुरक्षा ग्रिड तैयार कर रही है, जिससे पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगने वाली सीमाओं पर निगरानी और अधिक प्रभावी होगी। सरकार का लक्ष्य सीमा क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों, तस्करी और घुसपैठ पर पूरी तरह अंकुश लगाना है।
गृह मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि जनसांख्यिकीय बदलावों और अवैध प्रवास से जुड़े मुद्दों के अध्ययन के लिए हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन पर भी जल्द काम शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
राजनीतिक गलियारों में अमित शाह के इस बयान को आगामी समय में सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्र सरकार की बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट लागू होने के बाद सीमा क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हो सकती है





