देहरादून। मालदेवता क्षेत्र में आपदा का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रायपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले फुलेट गांव में मंगलवार को एक मकान ढहने की घटना से हड़कंप मच गया। सूचना मिली कि मलबे में छह लोग दबे हो सकते हैं। हालांकि, घटनास्थल तक पहुंचना राहत दलों के लिए आसान नहीं रहा। खराब सड़कों और जर्जर मार्गों के कारण एसडीआरएफ की टीम को गांव तक पहुंचने में करीब सात घंटे का समय लग गया।
सूत्रों के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे प्रशासन को मकान गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तुरंत रवाना हुई, लेकिन भारी-भरकम उपकरणों और खराब रास्तों ने कदम-कदम पर मुश्किल खड़ी कर दी। करीब 16 किलोमीटर का दुर्गम रास्ता जवानों ने पैदल पगडंडी से पार किया। शाम सात बजे के आसपास टीम गांव पहुंच पाई।
गांव पहुंचने पर अंधेरा और बिजली न होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो पाया। क्षेत्र में मोबाइल सिग्नल भी बाधित हो गए थे, जिससे राहत दल और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संपर्क टूटा रहा।
बुधवार सुबह एसडीआरएफ ने ऑपरेशन दोबारा शुरू किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घर में कई लोग रहते थे, लेकिन घटना के समय वे अंदर थे या सुरक्षित बाहर निकल गए—इस पर स्थिति साफ नहीं है। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि परिवार के लोग कहीं और चले गए होंगे। वहीं, दूसरी ओर मलबे में दबे होने की संभावना भी जताई जा रही है।
मालदेवता और आसपास के गांवों में कई पुल टूट चुके हैं, सड़कें बह गई हैं और संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने कहा है कि फुलेट गांव की घटना की वास्तविक स्थिति रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगी।





