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फांसी की सजा के बाद शेख हसीना का बड़ा ऐलान, इसी साल लौटेंगी बांग्लादेश

नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने स्पष्ट किया है कि वह मौत के खतरे से भयभीत नहीं हैं और इसी वर्ष अपने देश लौटेंगी। भारत में रह रही हसीना ने एक साक्षात्कार में कहा कि उनके खिलाफ सुनाई गई मौत की सजा गैरकानूनी, असंवैधानिक और राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है।

हसीना ने कहा कि उनका बांग्लादेश लौटने का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि लोकतंत्र, कानून के शासन और देश के मूल संवैधानिक मूल्यों की पुनर्स्थापना करना है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी अवामी लीग को राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें मौत का कोई डर नहीं है। उन्होंने अपने पिता और बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका परिवार पहले भी बड़े बलिदान दे चुका है और वह अपने देश तथा जनता के लिए संघर्ष जारी रखेंगी।

हसीना ने मौजूदा सरकार पर विपक्ष को दबाने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध हटाने, राजनीतिक बंदियों की रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी की।

गौरतलब है कि वर्ष 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। इसके बाद वह भारत आ गई थीं। बाद में बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने 2024 के आंदोलन के दौरान हिंसा से जुड़े मामलों में उन्हें अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। हसीना लगातार इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताती रही हैं।

उनके इस ताजा बयान के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि शेख हसीना वास्तव में इस वर्ष बांग्लादेश लौटती हैं, तो इसका देश की राजनीतिक स्थिति पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

 

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