Top 5 This Week

Related Posts

प्रयागराज में भीषण हादसा: अमोनिया गैस टैंक फटने से कोल्ड स्टोरेज धराशायी; 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत, कई अन्य गंभीर

प्रयागराज, 23 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में सोमवार शाम एक अत्यंत हृदयविदारक और भीषण हादसा सामने आया है। गंगापार इलाके के फाफामऊ के पास चंदापुर गांव में स्थित एक कोल्ड स्टोरेज तेज धमाके के साथ धराशायी हो गया। यह भीषण हादसा कोल्ड स्टोरेज के अमोनिया गैस टैंक के फटने के कारण हुआ, जिसके चलते पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। हादसे के समय कोल्ड स्टोरेज में दो दर्जन से अधिक मजदूर काम कर रहे थे, जो मलबे में दब गए। प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में आठ मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में से छह की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। यह कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद का बताया जा रहा है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और अधिक बढ़ गई है।

कैसे हुआ हादसा? अमोनिया गैस टैंक फटने से मची तबाही

फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर स्थित पूर्व मंत्री अंसार अहमद के कोल्ड स्टोरेज में सोमवार शाम लगभग 3:45 बजे एक जोरदार धमाका हुआ:

  • अमोनिया गैस टैंक विस्फोट: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों की खिड़कियां और दरवाजे कांप उठे। धमाका कोल्ड स्टोरेज के अमोनिया गैस टैंक के फटने के कारण हुआ था। टैंक फटने से पूरी इमारत धराशायी हो गई और मलबे का एक बड़ा ढेर लग गया।
  • मजदूर मलबे में दबे: हादसे के समय कोल्ड स्टोरेज में दो दर्जन से अधिक मजदूर काम कर रहे थे। इमारत ढहने से वे सभी मलबे के नीचे दब गए। धमाके के बाद अमोनिया गैस के रिसाव के कारण भी रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा आई और लोगों को सांस लेने में कठिनाई हुई।

रेस्क्यू ऑपरेशन: एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और पुलिस फोर्स मौके पर

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया:

  1. त्वरित कार्रवाई: फाफामऊ समेत आसपास के कई थानों की फोर्स मौके पर पहुँच गई। दमकल की कई गाड़ियाँ और एंबुलेंस भी तुरंत घटनास्थल पर रवाना की गईं।
  2. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें: मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को भी मौके पर बुला लिया गया। दर्जन भर से अधिक जेसीबी मशीनें मलबे को हटाने के काम में जुटी हैं।
  3. घायलों को अस्पताल पहुँचाया: मलबे से निकाले गए घायलों को तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से प्रयागराज के एसआरएन (SRN) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से छह की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।

मृतकों और घायलों की पहचान: बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले

हादसे में जान गंवाने वाले और घायल मजदूरों की पहचान के प्रयास जारी हैं:

  • बिहार के सहरसा के मजदूर: प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सभी मजदूर बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले थे। वे काम की तलाश में प्रयागराज आए थे और कोल्ड स्टोरेज में मजदूरी कर रहे थे।
  • पहचान: शाम सवा चार बजे तक तीन शव मलबे से निकाले जा चुके हैं। एक मृतक की पहचान सहरसा जिले के ज्योतिष के रूप में हुई है। अन्य मृतकों और घायलों की पहचान के लिए पुलिस परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया: जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर मौके पर

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँच गए हैं। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाल ली है और घायलों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं:

  • जांच के आदेश: जिलाधिकारी ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
  • हाईवे पर यातायात रोका: हादसे के चलते मलाक हरहर में लखनऊ हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई बाधा न आए।

कुल मिलाकर, प्रयागराज में अमोनिया गैस टैंक फटने से हुआ यह भीषण हादसा एक बड़ी लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का प्रतीक है। ‘अंसार अहमद कोल्ड स्टोरेज’ के धराशायी होने से आठ मजदूरों की दर्दनाक मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकालना और घायलों को बेहतर इलाज प्रदान करना है। पूरी दुनिया की नजरें अब प्रयागराज से आने वाली खबरों पर टिकी हैं, क्योंकि यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा और मजदूरों के अधिकारों पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

Popular Articles