देहरादून। उत्तराखंड में होने वाली प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा एक बार फिर स्थगित हो सकती है। उच्च न्यायालय के ताजा आदेश के बाद परीक्षा को लेकर स्थिति अस्पष्ट हो गई है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) द्वारा प्रस्तावित इस परीक्षा की तारीखों को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, आयोग ने हाल ही में प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली थीं और नई तिथि घोषित करने की प्रक्रिया में था। लेकिन न्यायालय में चल रहे एक मामले में आए आदेश के बाद परीक्षा पर फिर से रोक लगने की संभावना बन गई है। कोर्ट ने चयन प्रक्रिया से जुड़ी कुछ शिकायतों और पात्रता मानदंडों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
आयोग सूत्रों के अनुसार, जब तक न्यायालय से स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक परीक्षा आयोजित करना संभव नहीं होगा। पहले भी यह परीक्षा कई बार स्थगित हो चुकी है, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी और निराशा देखी जा रही है। हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और अब वे एक निश्चित तिथि घोषित होने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार परीक्षा स्थगित होने से उनका मनोबल गिर रहा है। वहीं, आयोग का तर्क है कि वह न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन करेगा और कानूनी स्थिति स्पष्ट होते ही परीक्षा की नई तिथि घोषित की जाएगी।
गौरतलब है कि यह परीक्षा शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्य पदों पर पदोन्नति और नियुक्ति के लिए आयोजित की जाती है। फिलहाल सभी की निगाहें न्यायालय के अगले आदेश पर टिकी हैं, जिसके बाद ही परीक्षा के आयोजन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।





