आइजोल/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार से पूर्वोत्तर राज्यों के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने मिजोरम में रेलवे लाइन का उद्घाटन किया और कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री का यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है, क्योंकि वे मणिपुर का भी दौरा करेंगे। मणिपुर में दो वर्ष पहले भड़की हिंसा के बाद यह उनकी पहली यात्रा है।
पूर्वोत्तर बनेगा भारत का विकास इंजन
मिजोरम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों से केंद्र सरकार लगातार पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम कर रही है। आज यह क्षेत्र भारत का विकास इंजन बन रहा है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में पूर्वोत्तर के कई राज्य भारत के रेल मानचित्र पर जुड़े हैं। ग्रामीण सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल बिछा है। मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट कनेक्शन, बिजली, नल का पानी और एलपीजी जैसी मूलभूत सुविधाएं अब यहाँ तेजी से उपलब्ध हो रही हैं।
हवाई और रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा
मोदी ने कहा कि मिजोरम को उड़ान योजना का भी लाभ मिलेगा और जल्द ही राज्य में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होगी। इससे दूरस्थ इलाकों तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने बताया कि कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट परियोजना और सैरांग–ह्मांगबुचुआ रेलवे लाइन मिजोरम को बंगाल की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ेंगी। इससे न केवल व्यापार को नई गति मिलेगी बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
एक्ट ईस्ट नीति में मिजोरम की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और उभरते पूर्वोत्तर आर्थिक गलियारे में मिजोरम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। नई परियोजनाएँ इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय व्यापार का सेतु बनाने में सहायक होंगी।
राष्ट्र निर्माण में योगदान
प्रधानमंत्री ने मिजोरम के लोगों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक, मिजोरम हमेशा अग्रणी रहा है। त्याग, सेवा, साहस और करुणा यहाँ की समाज व्यवस्था के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन मिजोरम और पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि राज्य भारत की विकास यात्रा में एक अहम साझेदार के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।





