नई दिल्ली/मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की आर्थिक और वैश्विक भूमिका की सराहना करते हुए कहा है कि भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने विदेश और सुरक्षा नीति में स्वतंत्र और संप्रभु रुख अपना रहा है, जो उसे वैश्विक राजनीति में विशेष पहचान दिलाता है।
आर्थिक वृद्धि और वैश्विक स्थिति पर टिप्पणी
पुतिन ने यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के तेजी से विकास को लेकर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था न केवल देश के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र और वैश्विक बाजारों के लिए अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत ने तकनीकी, विज्ञान, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में निरंतर निवेश कर आर्थिक वृद्धि के नए मानक स्थापित किए हैं।
स्वतंत्र और संप्रभु नीति
रूसी राष्ट्रपति ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत किसी एक देश या ब्लॉक के दबाव में नहीं आता और वैश्विक मुद्दों पर अपने विवेक और राष्ट्रीय हित के आधार पर निर्णय लेता है। पुतिन के अनुसार, यही नीति भारत को विश्व राजनीति में विश्वसनीय और प्रभावशाली साझेदार बनाती है।
भारत-रूस संबंधों की मजबूती
पुतिन ने भारत के साथ आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी की भी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच ऊर्जा, रक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों के हित में है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में यह सहयोग और मजबूत होगा और दोनों देशों के बीच पारस्परिक विश्वास बढ़ेगा।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि पुतिन का यह बयान केवल आर्थिक आंकड़ों पर आधारित नहीं है, बल्कि यह भारत की वैश्विक राजनीतिक स्थिति और उसकी बहुपक्षीय नीति की मान्यता भी है। भारत की यह नीति उसे वैश्विक मंच पर निर्णायक भूमिका निभाने में सक्षम बनाती है।
आगे की राह
आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ भारत का स्वतंत्र और संप्रभु रुख उसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के मुद्दों में अधिक प्रभावशाली बनाता है। पुतिन का बयान भारत के वैश्विक महत्व और विश्व राजनीति में उसकी बढ़ती भूमिका को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।





