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पीओके: तीन प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद भड़का गुस्सा, लोगों ने दी पाकिस्तान के सभी एंट्री पॉइंट बंद करने की धमकी

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में हालात लगातार विस्फोटक होते जा रहे हैं। बुनियादी जरूरतों और अधिकारों की मांग को लेकर जारी लंबे आंदोलन ने अब हिंसक रूप ले लिया है। हाल ही में हुए प्रदर्शनों में तीन लोगों की मौत के बाद स्थानीय जनता का गुस्सा और उबाल पर पहुंच गया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो वे पाकिस्तान में आने-जाने वाले सभी एंट्री पॉइंट बंद कर देंगे।
विदेशों में बसे पीओके के लोग भी इस आंदोलन से जुड़ चुके हैं। यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी के अध्यक्ष शौकत अली कश्मीरी ने स्विट्जरलैंड से न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यह संघर्ष लोगों की बुनियादी जरूरतों और अधिकारों को लेकर है।
उन्होंने बताया, “जॉइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले लोग पिछले दो साल से आंदोलन कर रहे हैं। दरअसल, बीते **77 वर्षों से पीओके की जनता को बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया है। पहले यह आंदोलन राजनीतिक दलों के मंच से हो रहा था, लेकिन अब सभी दलों और आम नागरिकों ने मिलकर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी का गठन किया, जो इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व कर रही है।”
सरकार के खिलाफ भड़का जनाक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीओके में पाकिस्तान सरकार की नीतियों और संसाधनों के शोषण से जनता बेहद परेशान है। महंगाई, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। हालात यह हैं कि ग्रामीण इलाकों में लोग पीने के पानी और इलाज जैसी सुविधाओं के लिए भी तरस रहे हैं।
बढ़ती अंतरराष्ट्रीय गूंज
अब यह आंदोलन सीमाओं से बाहर जाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंजने लगा है। विदेशों में बसे पीओके के लोग भी आवाज उठा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
आगे क्या?
स्थानीय संगठनों का कहना है कि अगर पाकिस्तान सरकार ने जनता की समस्याओं पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और उग्र होगा। एंट्री पॉइंट बंद करने की चेतावनी से यह साफ है कि आने वाले दिनों में पीओके और पाकिस्तान के बीच संपर्क एवं आपूर्ति लाइनों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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