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‘पीएम मोदी ने खुद को सत्ता के अहंकार से दूर रखा है’: पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने की जमकर तारीफ

नई दिल्ली (13 मार्च, 2026): ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भारतीय लोकतंत्र की वैश्विक स्तर पर सराहना की है। नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित ‘रायसीना डायलॉग’ (Raisina Dialogue) में हिस्सा लेने पहुँचे एबॉट ने कहा कि पीएम मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व करने के बावजूद खुद को ‘सत्ता के अहंकार’ से पूरी तरह मुक्त रखा है। एबॉट ने भारत को तानाशाही बताने वाली आलोचनाओं को सिरे से खारिज करते हुए भारतीय संस्थानों की मजबूती का पुरजोर समर्थन किया।

मोदी के व्यक्तित्व के मुरीद हुए एबॉट: “शक्तिशाली होकर भी विनम्र”

रायसीना डायलॉग के एक सत्र के दौरान टोनी एबॉट ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने अनुभवों और उनके शासन के तरीके पर खुलकर बात की:

  • सादगी और नेतृत्व: एबॉट ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद नेताओं में अहंकार आ जाता है, लेकिन मोदी ने खुद को इससे बचाकर रखा है। उन्होंने पीएम मोदी को एक ऐसा नेता बताया जो “शक्तिशाली तो है, लेकिन उनकी विनम्रता उन्हें औरों से अलग बनाती है।”
  • वैश्विक प्रभाव: पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री के अनुसार, मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी एक ऐसी पहचान बनाई है जिसे अब नजरअंदाज करना असंभव है।

लोकतंत्र पर उठ रहे सवालों को दिया करारा जवाब

भारत में लोकतंत्र की स्थिति पर पश्चिमी जगत के कुछ हिस्सों से आने वाली आलोचनाओं पर टोनी एबॉट ने सख्त रुख अपनाया:

  1. स्वतंत्र संस्थाएं: उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत का लोकतंत्र, मीडिया और यहाँ की न्यायपालिका पूरी तरह स्वतंत्र और जीवंत है।
  2. तानाशाही का आरोप गलत: भारत को ‘चुनावी तानाशाही’ जैसे शब्दों से संबोधित करने वालों को जवाब देते हुए एबॉट ने कहा कि यहाँ की जनता अपनी सरकार चुनने और उसे बदलने की पूरी शक्ति रखती है, जो एक स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी है।
  3. मजबूत न्यायपालिका: उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की अदालतें सरकार के निर्णयों की समीक्षा करने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

रायसीना डायलॉग की सफलता की सराहना

एबॉट ने भारत के प्रमुख भू-राजनीतिक (Geopolitical) सम्मेलन ‘रायसीना डायलॉग’ की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह मंच अब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण सम्मेलनों में से एक बन गया है, जहाँ वैश्विक चुनौतियों पर खुली और सार्थक चर्चा होती है। उनके अनुसार, यह आयोजन भारत की बढ़ती सॉफ्ट पावर और कूटनीतिक कौशल का जीता-जागता प्रमाण है।

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