इस्लामाबाद/डेरा इस्माइल खान: पड़ोसी देश पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर चरमरा गई है। आतंकियों ने पिछले 24 घंटों के भीतर देश के विभिन्न हिस्सों में सिलसिलेवार हमलों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी है। ताजा घटनाक्रम में, अज्ञात बंदूकधारियों ने राजमार्ग पर चल रही यात्री बसों को निशाना बनाया, जिसमें दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इससे पहले आतंकियों ने एक पुलिस स्टेशन और कस्टम विभाग के कार्यालय पर भी हमला किया था। इन हमलों ने पाकिस्तान के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है और पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल है।
बस हमले का मंजर: यात्रियों में मची चीख-पुकार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने इस कायराना हमले के लिए सुनसान राजमार्ग को चुना:
- अंधाधुंध गोलीबारी: यात्री बसें जब अपने गंतव्य की ओर जा रही थीं, तभी घात लगाकर बैठे आतंकियों ने उन पर स्वचालित हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी।
- जान-माल का नुकसान: गोलियां लगने से दो लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है, जिनमें से कुछ की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
पुलिस स्टेशन और कस्टम ऑफिस पर हमला
बसों को निशाना बनाने से पहले आतंकियों ने सरकारी प्रतिष्ठानों को अपना निशाना बनाया था:
- पुलिस स्टेशन पर धावा: भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने देर रात एक स्थानीय पुलिस स्टेशन पर हमला किया। जवाबी कार्रवाई के बाद आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
- कस्टम ऑफिस में तोड़फोड़: कस्टम विभाग के कार्यालय पर हुए हमले में सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया गया। सुरक्षा बलों का मानना है कि इन हमलों का उद्देश्य सरकारी तंत्र में डर पैदा करना है।
सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी
लगातार हो रहे हमलों के बाद पाकिस्तानी सेना और पुलिस ने प्रभावित इलाकों की घेराबंदी कर दी है:
- नाकेबंदी: सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों और राजमार्गों पर चेकिंग बढ़ा दी गई है। संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
- टीटीपी पर शक: हालांकि अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का शक तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पर है, जो पिछले कुछ समय से सुरक्षा बलों पर हमलों में तेजी लाया है।





