इस्लामाबाद/न्यूयॉर्क। पाकिस्तान और चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी आत्मघाती शाखा मजीद ब्रिगेड को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए संयुक्त प्रस्ताव पेश किया है। यह प्रस्ताव सुरक्षा परिषद की 1267 अल-कायदा प्रतिबंध समिति के सामने रखा गया है, जिसके तहत संयुक्त राष्ट्र नामित आतंकी संगठनों पर वैश्विक स्तर पर यात्रा प्रतिबंध, संपत्ति फ्रीज और हथियारों पर रोक लगाई जाती है।
पाकिस्तान का आरोप – अफगानिस्तान से सक्रिय हैं आतंकी संगठन
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने बुधवार को कहा कि बीएलए और मजीद ब्रिगेड समेत कई आतंकी संगठन अफगानिस्तान से संचालन कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अफगानिस्तान की सीमा पार 60 से अधिक आतंकी शिविर सक्रिय हैं, जहां से पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।
अहमद ने कहा कि इन संगठनों में आईएसआईएल-के, अल-कायदा, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ETIM) और बीएलए- मजीद ब्रिगेड शामिल हैं। उन्होंने सुरक्षा परिषद से आग्रह किया कि इन संगठनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान-चीन की सक्रियता
अहमद ने बताया कि पाकिस्तान और चीन ने संयुक्त रूप से प्रस्ताव रखकर बीएलए और मजीद ब्रिगेड को आतंकी सूची में डालने का अनुरोध किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि परिषद इन संगठनों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जल्द कार्रवाई करेगी।
पाकिस्तान वर्तमान में 2025-26 के कार्यकाल के लिए 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है, जबकि चीन इस निकाय का स्थायी सदस्य और वीटो पावर वाला देश है। इसके अलावा पाकिस्तान 1988 तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष और आतंकवाद-रोधी समिति का उपाध्यक्ष भी है।
मजीद ब्रिगेड: बीएलए का आत्मघाती दस्ता
बीएलए की स्थापना कई दशक पहले बलूचिस्तान में हुई थी, जबकि मजीद ब्रिगेड 2011 में गठित किया गया। यह संगठन मुख्य रूप से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और चीनी हितों को निशाना बनाता है। पाकिस्तान का दावा है कि इस गुट ने अब तक कई आत्मघाती हमलों को अंजाम दिया है, जिनमें चीनी इंजीनियर, कारोबारी और परियोजनाएं बार-बार निशाने पर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले भी हुई कार्रवाई
पिछले महीने अमेरिका ने बीएलए और मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित किया था। 2019 में ही वाशिंगटन ने बीएलए को स्पेशली डिजाइनटेड ग्लोबल टेररिस्ट (SDGT) सूची में डाला था।
हाल के वर्षों में इन संगठनों ने कई बड़े हमलों की जिम्मेदारी ली है।
• 2024: कराची हवाई अड्डे और ग्वादर पोर्ट प्राधिकरण परिसर के पास आत्मघाती हमले।
• 2025: क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का अपहरण, जिसमें 31 नागरिकों और सुरक्षा बलों की मौत हुई तथा 300 से ज्यादा यात्री बंधक बनाए गए।
पाकिस्तान की चिंता – ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा’
राजदूत अहमद ने कहा कि अफगानिस्तान से पैदा होने वाला आतंकवाद पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने अफगान तालिबान अधिकारियों से अपील की कि वे अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करें और अपनी जमीन को आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने से रोकें।




