Saturday, January 31, 2026

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‘पाकिस्तान एक आतंकी राष्ट्र है, अपनी ही जनता पर ढा रहा जुल्म’: बलूच नेता का बड़ा खुलासा; बोले- पाक सेना ने बलूचिस्तान में ढहाईं 40 मस्जिदें

जेनेवा/लंदन: बलूच राष्ट्रीय आंदोलन के प्रमुख नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पाकिस्तान का असली चेहरा बेनकाब कर दिया है। एक वैश्विक मानवाधिकार सम्मेलन के दौरान बलूच नेता ने पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए उसे ‘आतंकवाद की जननी’ करार दिया। उन्होंने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि इस्लाम के नाम पर बने पाकिस्तान की सेना ने बलूचिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में अब तक 40 से अधिक मस्जिदों को ध्वस्त कर दिया है। बलूच नेता ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना न केवल मासूम बलूच नागरिकों का अपहरण और हत्या कर रही है, बल्कि धार्मिक स्थलों को भी निशाना बना रही है ताकि बलूच पहचान और संस्कृति को पूरी तरह मिटाया जा सके।

मस्जिदों के विध्वंस और धार्मिक उत्पीड़न का दावा

बलूच नेता ने अपने संबोधन में पाकिस्तानी सेना के उन दावों को खोखला बताया जिसमें वह खुद को इस्लाम का रक्षक कहती है:

  • धार्मिक स्थलों पर प्रहार: उन्होंने साक्ष्यों के साथ बताया कि जिन मस्जिदों को ढहाया गया, उनमें से कई ऐतिहासिक थीं। सेना का तर्क है कि ये मस्जिदें ‘विद्रोहियों’ का ठिकाना थीं, लेकिन हकीकत में यह बलूच समुदाय को डराने की एक साजिश है।
  • पवित्र ग्रंथों का अपमान: आरोप लगाया गया है कि सैन्य अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने धार्मिक ग्रंथों का अपमान किया और इबादत कर रहे लोगों को जबरन उठाकर ले गए।
  • बलूचिस्तान में मार्शल लॉ जैसे हालात: बलूच नेता ने कहा कि वहां की जनता के लिए मस्जिदें भी अब सुरक्षित नहीं रह गई हैं।

‘आतंकवाद का एक्सपोर्टर’ है पाकिस्तान

पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका पर सवाल उठाते हुए बलूच नेता ने कहा:

  1. वैश्विक खतरा: पाकिस्तान एक ऐसा देश है जिसने आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति बना लिया है। वह एक तरफ दुनिया से मदद मांगता है और दूसरी तरफ उसी पैसे का इस्तेमाल आतंकवादियों को ट्रेनिंग देने में करता है।
  2. बलूच नरसंहार: बलूचिस्तान में हजारों लोग ‘लापता’ (Forced Disappearances) हैं। सेना के टॉर्चर सेल में युवाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके शव सड़कों पर फेंक दिए जाते हैं।
  3. दुनिया से अपील: बलूच नेता ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और यूरोपीय संघ से अपील की कि पाकिस्तान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएं और उसे ‘आतंकवाद प्रायोजक देश’ (State Sponsor of Terrorism) घोषित किया जाए।

चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) पर प्रहार

नेता ने CPEC परियोजना को बलूच जनता के लिए ‘मौत का वारंट’ बताया:

  • संसाधनों की लूट: उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान मिलकर बलूचिस्तान के सोने, गैस और कोयले की लूट कर रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग दाने-दाने को मोहताज हैं।
  • सैन्य किलेबंदी: CPEC के नाम पर पूरे बलूचिस्तान को एक जेल में तब्दील कर दिया गया है, जहाँ हर मोड़ पर पाकिस्तानी सेना की चौकियां हैं जो आम नागरिकों को प्रताड़ित करती हैं।

 

बलूच नेता का यह बयान पाकिस्तान के लिए एक बड़ी कूटनीतिक हार माना जा रहा है। मस्जिदों को ढहाने के खुलासे ने पाकिस्तान के उस प्रोपेगेंडा की हवा निकाल दी है जिसमें वह खुद को मुस्लिम देशों का मसीहा बताता है। अब देखना यह होगा कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इन गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या बलूचिस्तान की आवाज को वैश्विक स्तर पर न्याय मिल पाता है।

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