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पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू नहीं हुआ तो होगी राष्ट्रव्यापी हड़ताल

देहरादून। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी संगठनों ने एक बार फिर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। बैंक यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने उनकी मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जा सकती है।

बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि सप्ताह में केवल पांच दिन बैंकिंग कार्य हो और सभी शनिवार को अवकाश घोषित किया जाए। यूनियनों का कहना है कि इस मांग को लेकर भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और बैंक कर्मचारी संगठनों के बीच पहले ही सहमति बन चुकी है। इसके बावजूद सरकार की ओर से अंतिम निर्णय लंबित है।

बैंक यूनियनों के अनुसार, वर्ष 2023 में आईबीए और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बीच हुए समझौता ज्ञापन तथा मार्च 2024 में हुए सेटलमेंट और जॉइंट नोट में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की सिफारिश की गई थी। कर्मचारियों का तर्क है कि सोमवार से शुक्रवार तक कार्य अवधि में आवश्यक बदलाव कर ग्राहकों को बिना परेशानी के बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

यूनियन नेताओं का कहना है कि बैंक कर्मचारियों को लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था का इंतजार है। उनका आरोप है कि सरकार इस मुद्दे को लगातार टाल रही है। इसी के विरोध में देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन और आंदोलन किए जा रहे हैं।

उत्तराखंड में भी बैंक कर्मचारियों ने इस मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। देहरादून में बैंककर्मियों ने रैली निकालकर सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग की। इससे पहले जनवरी में हुई राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के दौरान उत्तराखंड में करीब आठ हजार करोड़ रुपये के बैंकिंग लेनदेन के प्रभावित होने का दावा किया गया था।

बैंक यूनियनों ने संकेत दिया है कि यदि सरकार ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का भी रास्ता अपनाया जाएगा। इससे बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है और ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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