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पश्चिम एशिया संकट: ‘युद्ध के साये में भारत एक साथ’; केंद्र सरकार ने आज बुलाई सर्वदलीय बैठक, शाम 5 बजे होगा महामंथन

नई दिल्ली (25 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के संकट को देखते हुए भारत सरकार ने राष्ट्रीय एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने आज (बुधवार) शाम 5 बजे एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक संघर्ष से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों, जैसे—भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, कच्चे तेल की आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता पर सभी राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही राज्यसभा में इस संकट से निपटने के लिए “एकजुट प्रयास” की भावुक अपील की थी, जिसके बाद यह बैठक बुलाई गई है ताकि देश इस गंभीर अंतरराष्ट्रीय संकट के समय एक स्वर में बात करे।

रणनीतिक चर्चा: राजनाथ सिंह करेंगे अध्यक्षता, जयशंकर देंगे ब्रीफिंग

बैठक की रूपरेखा और इसमें शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों का विवरण इस प्रकार है:

  • नेतृत्व: इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा किए जाने की संभावना है। वे विपक्षी नेताओं को भारत की सामरिक तैयारियों से अवगत कराएंगे।
  • विदेश नीति का पक्ष: विदेश मंत्री एस. जयशंकर बैठक में मौजूद रहेंगे और पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों, राजनयिक प्रयासों और वहां फंसे भारतीयों को निकालने की योजना (Evacuation Plan) पर विस्तृत प्रेजेंटेशन देंगे।
  • सहभागिता: बैठक में सत्ताधारी भाजपा और एनडीए (NDA) के घटक दलों के साथ-साथ कांग्रेस व अन्य प्रमुख विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं को आमंत्रित किया गया है।

विपक्ष का रुख: राहुल गांधी बैठक में नहीं होंगे शामिल

राष्ट्रीय महत्व के इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका और प्रतिक्रिया पर भी सबकी नजरें टिकी हैं:

  1. राहुल गांधी की अनुपस्थिति: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वे पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं के कारण इस बैठक में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। हालांकि, कांग्रेस पार्टी की ओर से अन्य वरिष्ठ नेता प्रतिनिधित्व करेंगे।
  2. राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश: सूत्रों का कहना है कि सरकार इस बैठक के माध्यम से दुनिया को यह संदेश देना चाहती है कि अंतरराष्ट्रीय संकट और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर पूरा भारत एक साथ खड़ा है।
  3. मुद्दों पर विमर्श: विपक्षी दल इस दौरान सरकार से पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय कामगारों के भविष्य को लेकर सवाल पूछ सकते हैं।

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