नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के नोएडा में सोमवार को निजी कंपनियों के कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। सेक्टर 57 औद्योगिक क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया, जिसके कारण पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। महज एक घंटे के भीतर उपद्रवियों ने लगभग 50 निजी कंपनियों और वहां खड़े करीब 200 वाहनों को अपना निशाना बनाया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग और लाठीचार्ज करना पड़ा।
तबाही का मंजर: कंपनियों में तोड़फोड़ और पथराव
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का एक बड़ा समूह सेक्टर के विभिन्न हिस्सों में फैल गया और निजी संस्थानों पर हमला करना शुरू कर दिया।
- इमारतों को बनाया निशाना: उपद्रवियों ने कंपनियों की इमारतों पर भारी पथराव किया, जिससे खिड़कियों और दरवाजों के शीशे टूट गए। हमले के कारण कार्यालयों के भीतर मौजूद स्टाफ को जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।
- वाहनों को नुकसान: कंपनियों के बाहर और पार्किंग में खड़े करीब 200 से अधिक वाहनों (कार और दुपहिया) में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की। कई वाहनों के शीशे चकनाचूर कर दिए गए।
आगजनी की कोशिश और पुलिस से भिड़ंत
उपद्रव केवल तोड़फोड़ तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने एक निजी कंपनी की इमारत में आग लगाने की भी कोशिश की।
- पुलिस को दौड़ाया: शुरुआत में जब पुलिस की छोटी टुकड़ी मौके पर पहुँची, तो प्रदर्शनकारियों की भारी संख्या को देखते हुए पुलिसकर्मी पीछे हटने को मजबूर हो गए। उपद्रवियों ने पुलिस बल पर भी पथराव किया और उन्हें दौड़ा दिया।
- लाठीचार्ज और नियंत्रण: स्थिति बेकाबू होते देख भारी पुलिस बल और अतिरिक्त कुमुक बुलाई गई। पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए जमकर लाठीचार्ज किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी तितर-बितर हुए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और जांच
घटना के बाद पूरे सेक्टर 57 और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
- दहशत में कर्मचारी: इस घटना के बाद नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों में काम करने वाले कर्मचारियों और उद्यमियों में असुरक्षा का भाव है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए उन उपद्रवियों की पहचान कर रही है जिन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसा में बदला।
- कार्रवाई की तैयारी: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है।





